एसके राय सिविल अस्पताल में न्यूनतम सुविधाओं पर सवाल, मरीज के परिजनों ने लगाया अव्यवस्था का आरोप

हाइलाकांदी: हाइलाकांदी के एसके राय सिविल अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं और सेवाओं को लेकर सवाल उठे हैं। अस्पताल के आपातकालीन विभाग से लेकर ओपीडी तक विभिन्न स्तरों पर अव्यवस्था का आरोप मरीज के परिजन पिंटू देवनाथ ने लगाया है। उनका आरोप है कि अस्पताल में मरीज को लाने से लेकर व्हीलचेयर, पंखा, बेड और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

पिंटू देवनाथ के अनुसार, हाइलाकांदी शहर के 16 नंबर वार्ड की रहने वाली उनकी 85 वर्षीय रिश्तेदार सांस संबंधी समस्या से बीमार हो गई थीं। उन्हें इलाज के लिए एसके राय सिविल अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद से ही उन्हें विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ा।

उन्होंने आरोप लगाया कि वृद्धा को अस्पताल के भीतर ले जाने के लिए सहयोग करने वाला कोई कर्मचारी उपलब्ध नहीं था। बाद में व्हीलचेयर की जरूरत पड़ने पर अच्छी स्थिति वाली व्हीलचेयर भी नहीं मिली। अंततः फुटरेस्ट के बिना एक पुरानी व्हीलचेयर पर वृद्धा को बैठाकर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

पिंटू देवनाथ ने ओपीडी के जांच कक्ष की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। उनका आरोप है कि कमरे का पंखा खराब था और मरीज के लिए रखा बेड भी उपयोग के लायक नहीं था। इसके अलावा बेसिन में पानी की आपूर्ति नहीं होने से मरीज और उनके परिजनों को परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में वृद्ध मरीज को खराब पंखे के नीचे रहना पड़ा।

उनका यह भी आरोप है कि मरीज के कक्ष में पंखा बंद रहने के बावजूद पास में चिकित्सकों के बैठने वाले स्थान पर दो पंखे चल रहे थे। पिंटू देवनाथ के अनुसार, गर्मी और कथित अव्यवस्थाओं के कारण अस्पताल में रहने के दौरान वृद्धा की तबीयत और बिगड़ती गई। स्थिति को देखते हुए अंततः परिजनों को उन्हें सरकारी अस्पताल से एक निजी अस्पताल में ले जाना पड़ा।

घटना पर नाराजगी जताते हुए पिंटू देवनाथ ने संबंधित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और स्थानीय विधायक मिलन दास से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले आम लोगों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परेशानी न हो, इसके लिए अस्पताल की आधारभूत संरचना और स्वास्थ्य सेवाओं की तत्काल समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

हालांकि, लगाए गए आरोपों पर अस्पताल प्रशासन या संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस खबर के लिए उपलब्ध नहीं हो सका है।

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