१३५वाँ वीर शहीद स्मृति दिवस गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया

जारिबंद कुनुंग्लैकाई में श्रद्धा एवं स्मरण के साथ दिनभर आयोजित हुए विभिन्न कार्यक्रम

प्रीतम दास हाइलाकांदी, १३ अगस्त:

आज १३ अगस्त को जारिबंद कुनुंग्लैकाई में १३५वाँ वीर शहीद स्मृति दिवस पूरे सम्मान एवं गंभीर वातावरण में मनाया गया। वीर शहीदों के बलिदान और योगदान को स्मरण करते हुए दिनभर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी विभास सिंह ने की। मुख्य अतिथि के रूप में हैलाकांडी १२१ विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. मिलन दास उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में मणिपुरी साहित्य परिषद असम के अध्यक्ष डॉ. फुरित्साबाम वीरमणि उपस्थित थे। सम्मानित अतिथियों के रूप में मणिपुरी लैंग्वेज बोर्ड की सदस्य श्रीमती खौइसनम बिरोला तथा अपुनबा जारिबन मैरा पाइबी लूप की अध्यक्ष बिमला शर्मा ने मंच की शोभा बढ़ाई।आमंत्रित वक्ताओं के रूप में लाला रूरल कॉलेज के सहायक प्राध्यापक सलाम देवहारी तथा श्रीभूमि के रवींद्र सदन गर्ल्स कॉलेज की सहायक प्राध्यापिका डॉ. मेमचातन सिंह उपस्थित रहीं।सुबह ७ बजे लूप का ध्वजारोहण कर दिनभर के कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया। इसके बाद सुबह ७:३० बजे एक भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। सुबह ९:१५ बजे वीर शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पुष्पांजलि दी गई।

इसके बाद सुबह ९:३० बजे खुले अधिवेशन का शुभारंभ हुआ। मैरा (मशाल) प्रज्वलित कर अधिवेशन की औपचारिक शुरुआत की गई। तत्पश्चात मणिपुरी पारंपरिक उद्घाटन गीत ‘सैहौ ईशै’ प्रस्तुत किया गया।खुले अधिवेशन में उपस्थित अतिथियों एवं आमंत्रित वक्ताओं ने वीर शहीदों के बलिदान उनके संघर्ष के इतिहास तथा वर्तमान पीढ़ी के लिए इस गौरवशाली विरासत को संरक्षित रखने के महत्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने शहीदों के आदर्शों और उनके बलिदान की गाथा को भावी पीढ़ी तक उचित रूप से पहुँचाने पर विशेष जोर दिया।कार्यक्रम के अंतिम चरण में मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इसमें थांग ता मणिपुरी नृत्य पुंग चोलोम तथा नाटक का मंचन किया गया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों से कार्यक्रम का वातावरण और भी जीवंत एवं भावपूर्ण हो उठा।वीर शहीदों की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने तथा उनके बलिदान के इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के संकल्प के साथ दिनभर चलने वाला यह स्मृति दिवस समारोह संपन्न हुआ।

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