बाढ़ राहत के लिए ‘बांग्ला साहित्य सभा, असम’ ने मुख्यमंत्री को सौंपा ₹1.51 लाख का चेक

गुवाहाटी, 12 अगस्त: ऊपरी असम में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए ‘बांग्ला साहित्य सभा, असम’ भी आगे आई है। संस्था के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार शाम असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा से उनके कार्यालय में मुलाकात कर बाढ़ राहत के लिए 1 लाख 51 हजार 5 रुपये का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा।

यह राशि ‘बांग्ला साहित्य सभा, असम’ के आह्वान पर असम सहित देश के विभिन्न हिस्सों के साहित्य एवं संस्कृति जगत से जुड़े लोगों ने सहयोग के रूप में दी है। संस्था की ओर से मुख्यमंत्री को सहयोग करने वाले 130 दानदाताओं की पूरी सूची भी सौंपी गई। मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए संस्था की इस पहल की सराहना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘बांग्ला साहित्य सभा, असम’ द्वारा प्रकाशित अनुवाद ग्रंथों का भी अवलोकन किया और संस्था की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में रुचि दिखाई।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संस्था के प्रमुख संरक्षक एवं सलाहकार तथा अन्नपूर्णा इंडस्ट्रीज के स्वामी और समाजसेवी सुबीर घोष तथा राज्य महासचिव डॉ. प्रशांत चक्रवर्ती ने किया। प्रतिनिधिमंडल में संस्था के कोषाध्यक्ष एवं साहित्य पेंशनभोगी लेखक शिशिर सेनगुप्ता, गुवाहाटी शाखा की कोषाध्यक्ष मोनालिसा भट्टाचार्य तथा पांडु-मालिगांव शाखा की अध्यक्ष सुदेष्णा देवराय चंद भी शामिल थीं।

पांडु में कार्यालय और प्रेक्षागृह का निर्माण अंतिम चरण में

बैठक के दौरान ‘बांग्ला साहित्य सभा, असम’ की विभिन्न दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक योजनाओं की भी मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई। उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले असम सरकार की ओर से संस्था को मुद्रण एवं प्रकाशन कार्यों के लिए 20 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता प्रदान की गई थी। इस राशि से गुवाहाटी महानगर के पांडु स्थित बड़ा बाजार क्षेत्र में संस्था के कार्यालय, डीटीपी सेंटर और प्रेक्षागृह का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।

संस्था के प्रमुख संरक्षक सुबीर घोष और महासचिव डॉ. प्रशांत चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री को नवनिर्मित कार्यालय एवं प्रेक्षागृह के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया। निर्माणाधीन परिसर की तस्वीरें देखकर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की। संस्था के अनुसार, सब कुछ अनुकूल रहा तो आगामी दुर्गोत्सव से पहले देविपक्ष के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा इसके उद्घाटन में शामिल हो सकते हैं।

इसके अलावा असम सरकार के भाषिक अल्पसंख्यक विकास परिषद के अध्यक्ष एवं होजाई के विधायक शिलादित्य देव की पहल तथा परिषद की आर्थिक सहायता से ‘बांग्ला साहित्य सभा, असम’ द्वारा प्रकाशित सात पुस्तकों के विमोचन के लिए भी मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया गया। मुख्यमंत्री ने इस निमंत्रण को भी सहर्ष स्वीकार किया।

डॉ. प्रशांत चक्रवर्ती ने कहा कि असम में बराक और ब्रह्मपुत्र—दोनों घाटियों में रहने वाले बंगाली समाज का प्रतिनिधित्व करने वाली साहित्य एवं संस्कृति संस्था का लंबे समय से अभाव था। उन्होंने कहा कि असम सरकार ने अब ‘बांग्ला साहित्य सभा, असम’ को राज्य के लोगों के कल्याण तथा बंगाली समाज की भाषा-सांस्कृतिक आकांक्षाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में स्वीकार और मान्यता दी है।

उन्होंने कहा, “हम इसके लिए सरकार के आभारी हैं। इससे हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। असम के विकास और कल्याण के लिए हम आगे भी सक्रिय रूप से कार्य करते रहेंगे।” उन्होंने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और साहित्य-संस्कृति के विकास के लिए संस्था की गतिविधियां जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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