गोगामुख में अंधाधुंध गोलीबारी से मिंगमांग-बदती में तनाव

मास ने घटना की कड़ी निंदा की, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर सजा की मांग

गोगामुख, 12 अगस्त: असम–अरुणाचल प्रदेश सीमा से सटे धेमाजी जिले के गोगामुख के मिंगमांग-बदती क्षेत्र में कथित अंधाधुंध गोलीबारी की घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय मिसिंग समुदाय के लोगों को निशाना बनाए जाने के आरोपों के बीच मानव अधिकार संघर्ष समिति (मास) ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

मास की लखीमपुर जिला समिति के सलाहकार राजू सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष देवरंजन बोरा और सचिव हेमंत फुकन ने संयुक्त प्रेस बयान जारी कर गोलीबारी की घटना को गंभीर और अत्यंत निंदनीय बताया। संगठन के अनुसार, भूमि विवाद से जुड़े मामले में बातचीत के लिए बुलाए गए स्थानीय लोगों पर कथित रूप से अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिसमें कई लोग घायल हुए।

मास ने आरोप लगाया कि सीमा क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन अपेक्षित रूप से सफल नहीं रहा है। संगठन ने असम सरकार एवं जिला प्रशासन से घटना में शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी करने तथा जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर एवं उदाहरणात्मक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना

गोलीबारी की घटना में गंभीर रूप से घायल संजय टायूंग, राजेश दले, पामे पेगू, लक्ष्मीप्रसाद लागाचू, राकेश लागाचू, उत्पल दले, बितोपन दले और दुर्गेश्वर पातिर के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना मास नेतृत्व ने की है। संगठन ने घायलों को आवश्यक एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की है।

सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने की मांग

घटना के बाद मिंगमांग-बदती क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की जानकारी है। मास ने प्रशासन से सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने, संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने तथा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी एवं स्थायी कदम उठाने की मांग की है।

मास ने स्पष्ट किया कि भूमि अथवा अन्य किसी विवाद का समाधान हिंसा के माध्यम से नहीं, बल्कि कानून एवं संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए।

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