गौतम सरकार, रामकृष्णनगर, 11 अगस्त:
असम के बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से मानवीय पहल लगातार जारी है। इसी क्रम में रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के गांधी नगर जीपी अध्यक्ष सौरभ दास और भेटारबंद जीपी अध्यक्ष विमल नाथ (अपु) ने सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा से उनके आवास पर मुलाकात कर बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 50-50 हजार रुपये के चेक सौंपे।
गांधी नगर जीपी अध्यक्ष सौरभ दास ने विधायक विजय मालाकार के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को उत्तरिया पहनाकर सम्मानित किया और उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के उद्देश्य से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 50 हजार रुपये का चेक मुख्यमंत्री के हाथों में सौंपा।
सौरभ दास सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहने के लिए क्षेत्र में जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में बाढ़ आने के दौरान भी उन्होंने प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर उनकी सहायता करने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि समाज और जरूरतमंद लोगों के लिए काम करने की प्रेरणा उन्हें हमेशा मिलती रही है। मुख्यमंत्री से मुलाकात को उन्होंने अपने लिए विशेष अवसर बताते हुए कहा कि भविष्य में भी वह इसी तरह सामाजिक कार्यों में योगदान देते रहेंगे। उन्होंने विधायक विजय मालाकार के प्रति भी आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके साथ रहने के कारण ही मुख्यमंत्री से मुलाकात का यह अवसर मिला।
इसी तरह भेटारबंद जीपी अध्यक्ष विमल नाथ (अपु) ने भी विधायक विजय मालाकार के साथ मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को उत्तरिया पहनाकर सम्मानित किया और बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया।
उल्लेखनीय है कि पिछले पंचायत चुनाव में विमल नाथ भेटारबंद जीपी के तीन नंबर वार्ड से वार्ड सदस्य निर्वाचित हुए थे। बाद में सभी वार्ड सदस्यों के समर्थन से उन्हें जीपी अध्यक्ष चुना गया। वे लंबे समय से विभिन्न सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद विमल नाथ ने कहा कि यह उनके लिए बेहद खास और गौरव का दिन है। मुख्यमंत्री के साथ कुछ समय की मुलाकात के दौरान उन्हें काफी कुछ सीखने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना उनका सामाजिक दायित्व है।
असम के विभिन्न जिलों में आई बाढ़ से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे समय में जनप्रतिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में आर्थिक सहयोग देना बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचायक है। गांधी नगर और भेटारबंद जीपी के दोनों अध्यक्षों की इस पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की है।