भारत विकास परिषद मध्य गुवाहाटी शाखा द्वारा आज “गुरु वंदन” का कार्यक्रम निजी सेवा केंद्र विष्णुपुर कार्यालय में मनाया गया सबसे पहले भारत माता की फोटो पर दीप प्रज्ज्वलित करते हुए पुष्प माला अर्पण की इसके पश्चात सामूहिक रूप में वंदे मातरम गान से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आर्य विद्यापीठ कॉलेज के प्रोफेसर नवीन सेकिया जी को आमन्त्रित किया गया।
कार्यक्रम में “गुरु वंदन गायन” हैप्पी चाइल्ड स्कूल की अध्यापिका श्रीमती मंजू लता शर्मा एवं एल.ओ.जी हाई स्कूल की अध्यापिका जूना शर्मा द्वारा प्रस्तुत किया।
प्रोफेसर नवीन सेकिया ने गुरु एवं शिष्य बारे में अपने विचार प्रस्तुत किये आपने बताया गुरु- शिष्य का आपस में प्रगाढ़ संबंध होता है माँ के बाद एक गुरु ही हैं जो शिष्य को सही गलत में अन्तर समझाते हुए अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हुये सन्मार्ग पर चलने को प्रेरित करते हैं ताकि शिष्य का सर्वांगीण विकास हो सके और देश के सभी विद्यार्थी एवं व्यक्ति देश के प्रति ईमानदारी,वफादारी एवं जिम्मेदारी से देश की सेवा कर सकें।
प्रांत के सेवा प्रमुख श्री संतलाल जी मित्तल जी ने कहा कि भारत विकास परिषद प्रति वर्ष “गुरु वंदन” का कार्यक्रम करता हैं गुवाहाटी महानगर के लगभग 20 स्कूल एवं कॉलेज के 111 अध्यापक एवं अध्यापिकाओं को इस कार्यक्रम में सम्मानित किया।
“बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ” कार्यक्रम के तहत इस वर्ष चार छात्राओं को जो साधारण परिवार की थी उनको 20-20 हजार का चेक प्रदान किया गया।
परिषद की ओर से “मुख्यमंत्री राहत बाढ़ कोष” में 31 हजार का चेक दिया और डॉक्टर के.के.बरुआ ने असम प्रांत और भारत विकास परिषद की ओर से बाढ़ राहत कोष को 2 लाख देने की घोषणा की है।
संतलाल मित्तल जी ने बताया कि परिषद का उद्देश्य सेवा,संस्कार,समर्पण एवं सहयोग है।
सभी अध्यापकों एवं अध्यापिकाओं को एक-एक मोमेंटो तथा फुलाम गामोछा पहना कर एक-एक पेंट सेट से सम्मानित किया गया सभी को एक-एक मिठाई का पैकेट भी भेद स्वरूप प्रदान किया।
इस कार्यक्रम में प्रांत के अध्यक्ष डॉक्टर के. के. बरुआ शाखा अध्यक्ष श्री चंद पारीक, सचिव अभय घोषाल प्रांत के संगठन मंत्री श्री विमल अग्रवाल, सेवा प्रमुख संतलाल मित्तल,सह सचिव सौरभ बोथरा जैन, मीडिया प्रभारी तनसुख राठी कोषाध्यक्ष विजय सिंह सुराणा,ओम प्रकाश भंसाली,नटवर अग्रवाल,सुरेश गर्ग आदि अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन अभय घोषाल ने किया।
सभी के लिए जलपान की व्यवस्था थी
राष्ट्र गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।