शिलचर, 8 अगस्त: असम से मिजोरम में बालू लेकर जाने वाले ट्रकों के प्रवेश पर कथित रोक को लेकर परिवहन जगत में चिंता बढ़ गई है। मामले में हस्तक्षेप और स्थिति स्पष्ट करने की मांग को लेकर शिलचर ट्रक ड्राइवर्स एसोसिएशन ने मिजोरम सरकार को पत्र भेजा है।
एसोसिएशन के अनुसार, पिछले कई वर्षों से असम के ट्रक चालक और परिवहनकर्मी वैध रूप से मिजोरम में बालू सहित अन्य निर्माण सामग्री पहुंचाते आ रहे हैं। इससे दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच व्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ विभिन्न विकास कार्यों को भी सहयोग मिलता रहा है।
हालांकि, संगठन का आरोप है कि 1 अगस्त 2026 से असम सहित अन्य राज्यों से बालू लदे वाहनों को मिजोरम में प्रवेश नहीं देने का निर्णय ऑल मिजोरम कमर्शियल टिपर एसोसिएशन और मिजोरम टिपर एसोसिएशन की ओर से लिया गया है।
एसोसिएशन ने दावा किया है कि कुछ बालू लदे ट्रकों को मिजोरम में प्रवेश नहीं दिया गया और उन्हें अपना माल खाली कर वापस असम लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ट्रक चालकों को कथित तौर पर परेशान किया गया तथा उन्हें डराने-धमकाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
इस स्थिति को लेकर शिलचर ट्रक ड्राइवर्स एसोसिएशन ने मिजोरम सरकार से स्पष्ट रूप से पूछा है कि क्या असम से बालू लदे ट्रकों के प्रवेश पर रोक लगाने संबंधी कोई सरकारी आदेश, अधिसूचना अथवा कानूनी निर्देश जारी किया गया है।
एसोसिएशन ने कहा है कि यदि ऐसी कोई सरकारी व्यवस्था लागू की गई है, तो उसके कानूनी आधार, दायरे और कारणों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाना चाहिए। वहीं, यदि इस संबंध में कोई सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है, तो किसी निजी संगठन द्वारा वैध रूप से माल और वाहनों की अंतरराज्यीय आवाजाही में बाधा उत्पन्न करने से रोकने के लिए प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।
साथ ही, संगठन ने मिजोरम में असम के ट्रक चालकों की सुरक्षा, सम्मान और निर्बाध अंतरराज्यीय परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है। एसोसिएशन का कहना है कि दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से जारी वैध परिवहन गतिविधियों को लेकर स्पष्ट और आधिकारिक स्थिति सामने आना आवश्यक है, ताकि चालकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों में व्याप्त असमंजस दूर हो सके।