बड़खोला, 7 अगस्त: बड़खोला विधानसभा क्षेत्र के कुआरपार चिबिटिया बिचिया इलाके के 11 वर्षीय रोहित दास के नाम पर प्राप्त होने वाली बीमा एवं मोटर दुर्घटना मुआवजा राशि के कथित गबन का मामला सामने आया है। परिवार ने आरोप लगाया है कि रोहित के हिस्से की करीब 30 से 35 लाख रुपये की राशि का दुरुपयोग किया गया है। परिवार के अनुसार, उनके पास फिलहाल करीब 15 लाख रुपये के लेन-देन से संबंधित दस्तावेज और अन्य प्रारंभिक साक्ष्य मौजूद हैं।
परिवार के मुताबिक, वर्ष 2022 में रोहित के पिता राखु दास की एक दर्दनाक मोटरसाइकिल दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद व्यक्तिगत बीमा तथा मोटर दुर्घटना मुआवजा मामले के तहत परिवार को बड़ी रकम मिलने की प्रक्रिया शुरू हुई। आरोप है कि रोहित के नाम पर मिलने वाली अधिकांश राशि उसके वास्तविक संरक्षण और हित में इस्तेमाल नहीं की गई तथा वह रकम अब तक उसके पास नहीं पहुंची है।
परिवार ने धोआरबंद थाना क्षेत्र के प्रतापपुर निवासी रोहित के दादा रंजन दास, शिलचर के अधिवक्ता अजय कुमार पाल और कामरुल इस्लाम सहित कुछ अन्य लोगों पर कथित तौर पर राशि के गबन में संलिप्त होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
परिवार का कहना है कि रोहित के भरण-पोषण के लिए कुल करीब 3 लाख 40 हजार रुपये दिए गए, जबकि शेष बड़ी रकम अब तक वापस नहीं की गई है। इस संबंध में धोआरबंद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराए जाने की बात भी परिवार ने कही है। उनका आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के काफी समय बाद भी मामले में उन्हें संतोषजनक न्याय नहीं मिला है।
वर्तमान में 11 वर्षीय रोहित अपनी दादी की देखरेख में रह रहा है। परिवार के अनुसार, रोहित के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से उसकी दादी ने उसके नाम पर एलआईसी पॉलिसी भी कराई है। लेकिन कथित तौर पर बीमा और मुआवजे की पूरी राशि नहीं मिलने के कारण उसकी पढ़ाई, परवरिश और भविष्य को लेकर परिवार चिंतित है।
रोहित की दादी और मामा ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन तथा संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष एवं शीघ्र जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और नाबालिग रोहित के नाम पर कानूनी रूप से देय पूरी बीमा एवं मुआवजा राशि सुरक्षित तरीके से उसे वापस दिलाई जाए।