शिव कुमार शिलचर, 30 जुलाई: बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और भविष्य पर मंडरा रहा संकट: जेएनवी पैलापूल में स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति की मांग को लेकर अभिभावकों ने जिला आयुक्त से लगाई भावुक गुहार
कछार जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी), पैलापूल में लंबे समय से प्राचार्य का पद रिक्त रहने के कारण विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, अनुशासन तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए विद्यालय के अभिभावकों ने 24 जुलाई 2026 को कछार के जिला आयुक्त को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल हस्तक्षेप करने और विद्यालय में नियमित प्राचार्य की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
अभिभावकों ने अपने ज्ञापन में कहा है कि जवाहर नवोदय विद्यालय एक पूर्णतः आवासीय शिक्षण संस्थान है, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अपने परिवार से दूर रहकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। ऐसे संस्थान में एक सक्षम और अनुभवी प्राचार्य की भूमिका केवल प्रशासनिक प्रमुख तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह विद्यार्थियों के संरक्षक, मार्गदर्शक और अभिभावक की भूमिका भी निभाता है। लेकिन लंबे समय से यह पद खाली रहने के कारण विद्यालय में नेतृत्व का अभाव साफ दिखाई दे रहा है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि प्रभावी प्रशासनिक नेतृत्व के अभाव में विद्यालय का अनुशासन प्रभावित हो रहा है। छात्रों की गतिविधियों की समुचित निगरानी नहीं हो पा रही है, जिससे अभिभावकों के मन में हमेशा किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि पूर्व वर्षों में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को देखते हुए वर्तमान स्थिति और भी अधिक चिंताजनक बन गई है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई गंभीर घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
अभिभावकों ने यह भी कहा कि प्राचार्य के अभाव का असर केवल अनुशासन और सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक निर्णय, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा नवोदय विद्यालय समिति की विभिन्न योजनाओं और निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी पड़ रहा है। नियमित प्रशासनिक नेतृत्व के अभाव में कई महत्वपूर्ण निर्णय समय पर नहीं हो पा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों का हित प्रभावित हो रहा है।
ज्ञापन में पूर्व प्राचार्य श्री बिस्वास कुमार राणा के कार्यकाल का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए अभिभावकों ने कहा है कि उनके नेतृत्व में विद्यालय अनुशासन, उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण और सुरक्षित परिसर के लिए जाना जाता था। उन्होंने विद्यार्थियों को हमेशा अपने बच्चों की तरह स्नेह और मार्गदर्शन दिया। उनकी प्रशासनिक दक्षता, ईमानदारी, कार्य के प्रति समर्पण और विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार के कारण विद्यालय का वातावरण सकारात्मक बना रहता था। उनके कार्यकाल में अभिभावक निश्चिंत होकर अपने बच्चों को विद्यालय में छोड़ते थे और विद्यालय की छवि भी लगातार बेहतर हुई थी।
इसी आधार पर अभिभावकों ने जिला आयुक्त से भावनात्मक अपील करते हुए कहा है कि यदि प्रशासनिक दृष्टि से संभव हो तो श्री बिस्वास कुमार राणा को पुनः जेएनवी पैलापूल में प्राचार्य के रूप में पदस्थापित किया जाए। यदि किसी कारणवश यह संभव न हो, तो कम से कम एक नियमित प्राचार्य की शीघ्र नियुक्ति की जाए अथवा किसी अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारी को प्रभारी प्राचार्य के रूप में तत्काल तैनात किया जाए, ताकि विद्यालय की व्यवस्था सामान्य हो सके और विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं अनुशासित वातावरण मिल सके।
अभिभावकों ने अपने ज्ञापन में कहा है कि यह मांग किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि विद्यालय में अध्ययनरत सैकड़ों बच्चों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। उनका कहना है कि बच्चों का भविष्य किसी भी प्रकार की प्रशासनिक देरी का शिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
ज्ञापन के अंत में अभिभावकों ने विश्वास व्यक्त किया है कि जिला प्रशासन विद्यार्थियों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा और जल्द ही ऐसा निर्णय लिया जाएगा, जिससे विद्यालय में एक बार फिर अनुशासन, शैक्षणिक उत्कृष्टता और सुरक्षित वातावरण स्थापित हो सके। अभिभावकों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन उनकी पीड़ा और चिंता को समझते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शीघ्र सकारात्मक पहल करेगा।