राष्ट्रीय ग्रीन यूनिवर्सिटी रैंकिंग में असम विश्वविद्यालय को 11वां स्थान

शिलचर, 29 जुलाई: पर्यावरण संरक्षण, जलवायु अनुकूल पहल और हरित परिसर के निर्माण की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए असम विश्वविद्यालय ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त पर्यावरणीय संस्था ग्रीन मेंटर्स द्वारा प्रकाशित प्रतिष्ठित नेशनल ग्रीन यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर 11वां स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय के छात्र, शिक्षक और कर्मचारी वर्ग में हर्ष का माहौल है।

परिसर के पर्यावरणीय प्रदर्शन तथा आवश्यक दस्तावेजों के विस्तृत मूल्यांकन के बाद यह परिणाम घोषित किया गया। असम विश्वविद्यालय ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 100 में से 92.9 अंक प्राप्त किए हैं। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय को गोल्ड रेटिंग से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उच्च शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ पर्यावरणीय उत्तरदायित्व, कार्बन उत्सर्जन में कमी तथा जलवायु जागरूकता को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रदान किया जाता है।

ग्रीन मेंटर्स की यह मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह तथ्य एवं साक्ष्य आधारित थी। 100 अंकों की इस रैंकिंग का निर्धारण 10 प्रमुख मानकों के आधार पर किया गया। इनमें परिसर की जैव विविधता एवं हरित क्षेत्र, कार्बन एवं जलवायु कार्ययोजना, पर्यावरण-अनुकूल अवसंरचना और ऊर्जा दक्षता, जल प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन तथा सामाजिक सहभागिता जैसे पहलू शामिल थे। यह रैंकिंग ढांचा भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) तथा यूनेस्को के ग्रीनिंग हायर एजुकेशन फ्रेमवर्क के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है।

इस राष्ट्रीय उपलब्धि के बाद असम विश्वविद्यालय को आगामी सितंबर में न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाले 10वें एनवाईसी ग्रीन स्कूल कॉन्फ्रेंस 2026 में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विश्व के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और पर्यावरण विशेषज्ञों की उपस्थिति में असम विश्वविद्यालय को सम्मानित किया जाएगा।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदोष किरण नाथ ने कहा कि यह गौरवपूर्ण सफलता सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी और छात्र लंबे समय से परिसर को पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देना है और इसी लक्ष्य की दिशा में संस्थान आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी को बधाई भी दी।

Sandip De

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