प्रेरणा प्रतिवेदन अयोध्या, 22 जुलाई। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के न्यासियों की बैठक बुधवार को अयोध्या में संपन्न हुई। बैठक में श्रावण मास के दौरान संभावित रूप से बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए दर्शन व्यवस्था, न्यास में रिक्त पदों की पूर्ति, चढ़ावा राशि की गणना में सामने आई अनियमितताओं, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
चढ़ावा राशि की गणना प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। इसके चलते इस विषय पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी। बैठक में इस मामले से संबंधित उच्चतम न्यायालय में लंबित याचिकाओं की सुनवाई और न्यायालय के आदेशों की प्रगति का भी संज्ञान लिया गया।
न्यासियों ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की सुरक्षा अधिकारियों तक पहुंच की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि चढ़ावा राशि की गणना कक्ष सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगे कैमरों की लाइव पहुंच सुरक्षा अधिकारियों को पहले से उपलब्ध है।
बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक संस्थान की टकसाल के साथ स्वर्ण एवं रजत चढ़ावे की मात्रा और शुद्धता की जांच की व्यवस्था लगातार जारी रखने के निर्णय पर भी संतोष व्यक्त किया गया।
स्टेट बैंक के साथ हुए एमओयू के तहत बैंक के दायित्वों और उनके अनुपालन में सामने आई त्रुटियों पर भी गंभीर चर्चा हुई। न्यास ने बैंक की प्रतिक्रिया और मामले की गंभीरता के अनुरूप कार्रवाई के अभाव पर निराशा व्यक्त करते हुए वित्त समिति को बैंक के साथ संबंधों और मानक प्रक्रियाओं की समीक्षा कर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया।
सीईओ के चयन के लिए गठित समिति को बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। समिति ने चयन प्रक्रिया के लिए एक माह का अतिरिक्त समय मांगा, जिसे न्यासी मंडल ने स्वीकार कर लिया। श्रद्धालुओं की संभावित बढ़ती संख्या को देखते हुए सीईओ की नियुक्ति में हो रहे विलंब के बीच एक सचिव की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई।
न्यास ने कहा कि विभिन्न दुष्प्रचार और आरोपों के बावजूद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। न्यासी मंडल ने देश-विदेश से अयोध्या पहुंच रहे श्रद्धालुओं, संत समाज और अवध क्षेत्र के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मीडिया के माध्यम से समाज के साथ संवाद को और प्रभावी बनाने के लिए न्यास ने प्रवक्ता नियुक्त करने का भी निर्णय लिया। वहीं, न्यासी मंडल में रिक्त स्थानों की पूर्ति की प्रक्रिया में कुछ और सप्ताह लगने की जानकारी दी गई।
मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की परंपरागत प्रामाणिकता और शुद्धता बनाए रखने के लिए धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया गया है। समिति की अध्यक्षता स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज करेंगे। समिति में जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधिपति स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज, मध्वपीठाधिपति स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ जी महाराज, स्वामी युगपुरुष परमानंद जी, स्वामी दिनेंद्रदास जी, स्वामी कमलनयनदास जी, महंत राजकुमार दास जी, स्वामी रामानंद दास जी तथा स्वामी मिथिलेश्नंदिनी शरण जी सदस्य होंगे।
उपरोक्त जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति में महामंत्री कृष्ण मोहन जी ने प्रदान की।