शिव कुमार शिलचर 17 जुलाई। सोनाई रोड स्थित होली क्रॉस स्कूल में लगाए गए आरोपों को लेकर शुक्रवार को विद्यालय परिसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान विद्यालय की प्रिंसिपल, शिक्षिकाओं, सिस्टर्स और बड़ी संख्या में अभिभावकों की उपस्थिति में स्कूल प्रशासन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि स्कूल के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार और तथ्यों से परे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिस्टर टेरेसा मार्टिस बीएस, सिस्टर मेलिसा डारलोंग बीएस, सिस्टर आइडा डी’सूजा, सिस्टर लूसियस बीएस, मैडम कुमकुम नाथ, मैडम सुचिस्मिता गुप्ता, मैडम मधुलीना नाथ, मैडम मोहुल मित्रा, मैडम रीना डे, सर बृज बिहारी रॉय, सर कंचन सिंह कुर्मी, सर सुरजीत नाथ, मैडम मोनिका राय और मैडम गीता सिंह उपस्थित थे।प्रेस वार्ता में एक शिक्षिका ने कहा कि जिस घटना को आधार बनाकर विद्यालय और प्रिंसिपल पर आरोप लगाए गए हैं, वह दरअसल दो विद्यार्थियों के बीच हुआ एक सामान्य विवाद था। उन्होंने कहा कि इस छोटी-सी घटना को गलत तरीके से प्रस्तुत कर विद्यालय की छवि खराब करने का प्रयास किया गया है।
शिक्षिका ने बताया कि घटना पिछले महीने की है और उस समय विद्यालय प्रशासन ने इसे बच्चों के बीच होने वाले सामान्य विवाद के रूप में देखा था। संबंधित विद्यार्थियों के अभिभावकों को बुलाकर पूरी घटना की जानकारी दी गई और दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत करा दिया गया था। उस समय किसी को यह अंदेशा नहीं था कि बाद में यह मामला सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस तरह वायरल होकर बड़ा विवाद बन जाएगा।
विद्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया कि जिस छात्र को लेकर मानसिक प्रताड़ना (मेंटल हैरेसमेंट) या अन्य प्रकार के उत्पीड़न के आरोप लगाए जा रहे हैं, वह छात्र आज भी नियमित रूप से स्कूल आ रहा है और पढ़ाई कर रहा है। यदि विद्यालय में वास्तव में उसके साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार हुआ होता, तो वह स्कूल आने से परहेज करता। इससे स्पष्ट होता है कि विद्यालय का वातावरण सुरक्षित और विद्यार्थी हितैषी है।
शिक्षिका ने कहा कि विद्यालय का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक छात्र का सर्वांगीण विकास करना है। स्कूल में सभी विद्यार्थियों को समान अवसर दिए जाते हैं और सांस्कृतिक, शैक्षणिक तथा अन्य गतिविधियों में सभी बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है। किसी भी छात्र के साथ भेदभाव नहीं किया जाता तथा सभी को समान दृष्टि से देखा जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों के आपसी विवाद को विद्यालय प्रशासन या शिक्षकों से जोड़ना पूरी तरह अनुचित है। घटना के बाद संबंधित शिक्षकों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मामले की जानकारी प्रिंसिपल तक पहुंचाई थी और आवश्यक स्तर पर बातचीत कर स्थिति को सामान्य कर दिया गया था। किसी भी शिक्षक द्वारा छात्र के साथ अनुचित व्यवहार नहीं किया गया। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और कुछ खबरों के कारण लोगों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। बिना पूरी सच्चाई जाने विद्यालय के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए गए, जिससे स्कूल की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की जांच अवश्य करें।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद कई अभिभावकों ने भी विद्यालय प्रशासन का समर्थन करते हुए कहा कि होली क्रॉस स्कूल में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासित एवं सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्षों से विद्यालय का शैक्षणिक स्तर और अनुशासन उत्कृष्ट रहा है तथा किसी एक छोटी घटना के आधार पर पूरे संस्थान की छवि धूमिल करना उचित नहीं है।अंत में विद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि सत्य सामने आने के बाद सभी प्रकार की गलतफहमियां दूर होंगी और अभिभावकों का विद्यालय पर भरोसा पहले की तरह बना रहेगा।