रामकृष्णनगर, 10 जुलाई (गौतम सरकार): रामकृष्णनगर सर्किल के अंतर्गत भैरवनगर ग्राम पंचायत क्षेत्र में कथित रूप से बढ़ते देशी-विदेशी शराब के कारोबार तथा उससे जुड़े असामाजिक गतिविधियों के विरोध में स्थानीय लोगों ने आवाज बुलंद की है। क्षेत्र के पुरुषों और महिलाओं ने विदेशी शराब की दुकान को आबादी वाले क्षेत्र से हटाने की मांग करते हुए श्रीभूमि जिले के जिलाधिकारी तथा आबकारी विभाग को ज्ञापन सौंपा है।
इस संबंध में भैरवनगर जीपी के वार्ड संख्या-1 स्थित 864 नंबर सुषमा शिशु सदन प्राथमिक विद्यालय में ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता रमा रानी शुक्ल वैद्य ने की, जबकि अनूपमा दास ने बैठक के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भैरवनगर क्षेत्र के अधिकांश लोग आर्थिक और शैक्षिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। उनका आरोप है कि लगभग दो वर्ष पूर्व स्थानीय लोगों की आपत्तियों के बावजूद क्षेत्र में एक विदेशी शराब की दुकान स्थापित की गई। उस समय भी ग्रामीणों ने दुकान खोलने का विरोध किया था, लेकिन उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि दुकान खुलने के बाद क्षेत्र में शराब की उपलब्धता बढ़ने से युवाओं और अन्य लोगों में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है। आरोप है कि रात के समय नशे में धुत लोग सार्वजनिक स्थानों पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं, जिससे क्षेत्र का सामाजिक और शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है।
बैठक में यह भी बताया गया कि संबंधित शराब की दुकान के दोनों ओर मंदिर स्थित हैं तथा उसी मार्ग से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भैरवनगर मध्य बंग विद्यालय आते-जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब पीने के बाद सड़क किनारे बोतलें फेंक दी जाती हैं, जिससे राहगीरों और विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बैठक में उपस्थित महिलाओं और पुरुषों ने सर्वसम्मति से शराब की दुकान को वर्तमान स्थान से हटाने की मांग का समर्थन किया। इसी मांग को लेकर उन्होंने श्रीभूमि जिले के जिलाधिकारी और आबकारी विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही शराब की दुकान को अन्य स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया, तो क्षेत्र के लोग लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।
(समाचार में लगाए गए आरोप और मांगें स्थानीय ग्रामीणों द्वारा व्यक्त किए गए दावों पर आधारित हैं। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।)