आज दिनांक 29/06/2026 को क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, शिलचर में राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार एवं केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद के निर्देशानुसार राजभाषा वार्षिक कार्यक्रम 2026-27 के अनुपालन एवं कर्मचारियों के राजभाषायी प्रशिक्षण हेतु एक दिवसीय हिंदी कार्यशाला का आयोजन संस्थान के समिति कक्ष में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों के मध्य कार्यालयी हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना और व्यवहारिक बनाना है ।
कार्यशाला की अध्यक्षता डॉ. आर. मुरुगेश्वरन, सहायक निदेशक एवं प्रभारी क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, शिलचर द्वारा की गई। डॉ. आकाश वर्मा, सहायक प्रोफेसर, हिंदी विभाग ,असम विश्विद्यालय, शिलचर, असम मुख्य वक्ता के रूप में कार्यशाला में सम्मिलित हुए।
कार्यशाला का शुभारंभ डॉ. आर. मुरुगेश्वरन, सहायक निदेशक एवं प्रभारी के स्वागत संबोधन से हुआ, उन्होंने मुख्य अतिथि महोदय, अनुसन्धान अधिकारियों एवं कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों का हार्दिक अभिनन्दन एवं स्वागत किया। उन्होंने संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए संगठित होकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। संस्थान के कर्मचारियों को हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जिससे संस्थान राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने में 100% सक्षम हो सकें।तत्पश्चात मुख्य अतिथि महोदय का स्वागत पुष्प गुच्छ और शॉल भेंट करके किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. आकाश वर्मा जी, ने ‘”कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग की चुनौतियाँ एवं उनके व्यावहारिक समाधान (विशेषतः अहिंदीभाषी कर्मचारियों के संदर्भ में)” विषय पर व्याख्यान दिया साथ ही कार्यालय में प्रयोग होने वाली सरल हिंदी शब्दावली के बारे में विस्तार से बताया। कार्यशाला का संचालन डॉ उज़मा सिद्दीक़ी ने किया, तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉo अब्दुल अलीम, अनुसंधान अधिकारी (यूनानी) सह राजभाषा अधिकारी द्वारा किया गया। कार्यशाला में संस्थान के अन्य सभी अनुसन्धान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी उत्साह के साथ भाग लिया ।
कार्यक्रम के समापन में अतिथि द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गये। कार्यशाला का संयोजन डॉ. आर. मुरुगेश्वरन, सहायक निदेशक एवं प्रभारी के मार्गदर्शन में , डॉo अब्दुल अलीम, अनुसंधान अधिकारी (यूनानी) सह राजभाषा अधिकारी द्वारा किया गया।कार्यशाला का समापन राष्ट्रगान के गायन के साथ हुआ।