‘माई एक्सपीरियंस ऐज़ ए कछार प्लांटर’ पुस्तक का भव्य विमोचन

चाय उद्योग के अनुभवों को समर्पित है आई. बी. उभाडिया की कृति

विशेष प्रतिनिधि शिलचर, 26 जून। चाय उद्योग के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित व्यक्तित्व आई. बी. उभाडिया द्वारा लिखित पुस्तक ‘My Experience as a Cachar Planter: The Journey from Ramrajpur to the Tea Gardens of Assam’ का भव्य विमोचन शुक्रवार को शिलचर स्थित बराक व्यू रेजिडेंसी होटल के बैंक्वेट हॉल में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत हनुमान सिंह परिहार एवं महेश सिंह ने किया।

पुस्तक के प्रकाशक वीरेंद्र जैन ने प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए कहा कि लेखक ने अपने लंबे जीवन के अनुभवों का सार इस पुस्तक में समाहित किया है। यह पुस्तक केवल एक आत्मकथा नहीं, बल्कि असम के चाय उद्योग के इतिहास, संस्कृति और कार्यशैली का भी महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

सिद्धार्थ घोष ने पुस्तक की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत करते हुए इसकी विषयवस्तु और लेखक के अनुभवों को प्रेरणादायक बताया।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रतिष्ठित उद्योगपति बी. आर. तोसनीवाल ने लेखक के व्यक्तित्व एवं कृतित्व की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उभाडिया जी ने अपने कर्म, नेतृत्व और सरल स्वभाव से समाज में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। वे जिस ऊंचाई तक पहुंचे हैं, उसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए, वह कम है।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) शिलचर के निदेशक प्रो. दिलीप कुमार वैद्य ने अपने संबोधन में लेखक के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके अनुभव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्य अतिथि असम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजीव मोहन पंत ने कहा कि विश्वविद्यालय का दायित्व संभालने के बाद से ही उन्हें लेखक का बड़े भाई के समान स्नेह, मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त होता रहा है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक जीवन के अनुभवों और मूल्यों की अमूल्य धरोहर है।

अपने संबोधन में लेखक आई. बी. उभाडिया ने पुस्तक लेखन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन की यात्रा, संघर्षों तथा असम के चाय बागानों में बिताए गए अनुभवों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास किया है। अपने जीवन के संघर्षों और यादों को साझा करते हुए वे एक समय भावुक हो गए। इस दौरान उनका गला अवरुद्ध हो गया और दो-तीन बार उनकी आवाज भर्रा गई। उन्होंने अपने आप को संभाला और अपना संबोधन पूरा किया।

धन्यवाद ज्ञापन इंडियन टी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष खंगार जादूनांग ने किया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन वरिष्ठ पत्रकार विक्रम सरकार ने किया।

समारोह में प्रमुख रूप से प्रतिष्ठित उद्योगपति एवं समाजसेवी महावीर जैन, इंडियन टी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील सिंह, जे. के. घोष, टीएआई के सचिव शरदेंदु भट्टाचार्य, डॉ. बैकुंठ ग्वाला, सुजीत खंडेलवाल, अनिल जैन, श्रीमती मधु उभाडिया सहित चाय उद्योग, शिक्षा, साहित्य एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

पुस्तक विमोचन के उपरांत अतिथियों के साथ संवाद भी किया गया। इसके बाद फेलोशिप लंच में सभी ने सहभागिता करते हुए लेखक को इस महत्वपूर्ण कृति के प्रकाशन पर शुभकामनाएं दीं।

Leave a Comment