200 से अधिक लोगों के समर्थन से बराकवासियों की मांग हुई और मजबूत
बड़खोला, 17 जून। बराक घाटी में गुवाहाटी हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को हाईकोर्ट बेंच डिमांड इम्प्लीमेंटेशन कमेटी, कछार जिला समिति के तत्वावधान में बरखोला बाजार स्थित सेडो कम्युनिटी सेंटर में एक जागरूकता सभा एवं जनहस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक प्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं, छात्र-छात्राओं तथा विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेष रूप से महिलाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक सार्थक बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 5 बजे जागरूकता सभा के साथ हुआ। सभा में हाईकोर्ट बेंच डिमांड इम्प्लीमेंटेशन कमेटी, कछार जिला समिति के अध्यक्ष ध्रुव कुमार साहा, समिति के सलाहकार एवं भाजपा नेता उदय शंकर गोस्वामी, शिक्षाविद विभाष देव, समाजसेवी रसराज दास, अधिवक्ता धर्मानंद देव, अधिवक्ता तुहिना शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
स्वागत भाषण देते हुए स्वप्न देव ने कहा कि बराक घाटी में हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की स्थापना समय की आवश्यकता है। यह न केवल क्षेत्र के लोगों के लिए न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करेगी, बल्कि संविधान प्रदत्त न्याय पाने के अधिकार को भी सुदृढ़ करेगी।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में ध्रुव कुमार साहा ने कहा कि लगभग 40 लाख आबादी वाले बराक घाटी क्षेत्र के लिए स्थायी हाईकोर्ट बेंच अब एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। वर्तमान में न्यायिक कार्यों के लिए लोगों को सैकड़ों किलोमीटर दूर गुवाहाटी जाना पड़ता है, जिससे समय, धन और श्रम की भारी बर्बादी होती है तथा न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है।
भाजपा नेता उदय शंकर गोस्वामी ने इस मांग का पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए समिति के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि न्यायिक कार्यों के लिए दूर-दराज की यात्रा आम लोगों के लिए किस प्रकार कठिनाइयों का कारण बनती है। उन्होंने कहा कि बराक घाटी में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही एक जायज मांग है।
अधिवक्ता धर्मानंद देव ने एक तथ्यपरक पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से हाईकोर्ट बेंच की मांग की ऐतिहासिक और कानूनी पृष्ठभूमि पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ब्रिटिश काल के फोर्ट विलियम कोर्ट से लेकर शिलांग में उच्च न्यायालय की गतिविधियों, गुवाहाटी हाईकोर्ट की स्थापना तथा पूर्वोत्तर भारत की न्यायिक व्यवस्था के विकासक्रम का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 1972 में जिला बार एसोसिएशन ने इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया था तथा वर्ष 2018 में गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा प्रकाशित एक पुस्तक में भी इस मांग का उल्लेख किया गया है।
उन्होंने कहा कि भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, मामलों की संख्या और न्याय पाने में लोगों को होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए बराक घाटी में स्थायी हाईकोर्ट बेंच की स्थापना अत्यंत आवश्यक है। देश के अनेक क्षेत्रों में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित होने के बावजूद बराक घाटी की यह न्यायोचित मांग अब तक पूरी नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
शिक्षाविद विभाष देव, समाजसेवी रसराज दास तथा अन्य वक्ताओं ने भी अपने संबोधन में इस मांग का समर्थन करते हुए सरकार और संबंधित प्राधिकरणों से शीघ्र आवश्यक कदम उठाने की अपील की। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा जनहित का आंदोलन है।
कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता तुहिना शर्मा ने किया, जबकि समापन अवसर पर भाजपा नेता पिनाक दास ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सभा के बाद आयोजित जनहस्ताक्षर अभियान में महिलाओं, युवाओं, विद्यार्थियों, शिक्षकों, व्यापारियों और कर्मचारियों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजकों के अनुसार, एक ही दिन में 200 से अधिक लोगों ने बराक घाटी में गुवाहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग के समर्थन में हस्ताक्षर किए।
समिति ने बताया कि इस मांग को जन-जन तक पहुंचाने और व्यापक जनसमर्थन जुटाने के लिए आगामी दिनों में भी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम और जनसंपर्क अभियान जारी रहेंगे। समिति के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि बराकवासियों की एकजुटता और जनसमर्थन के बल पर यह लंबे समय से लंबित न्यायसंगत मांग भविष्य में अवश्य पूरी होगी।