रामकृष्णनगर शिक्षा खंड के स्कूलों में संगीत शिक्षकों का अभाव, क्षेत्र में बढ़ा रोष
रामकृष्णनगर, 4 जून (गौतम सरकार): श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत हाई स्कूलों एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में संगीत विषय के शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से क्षेत्र के कलाकारों, संगीत प्रेमियों और प्रशिक्षित संगीत शिक्षकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, स्कूलों में विज्ञान, गणित, हिंदी, अंग्रेजी सहित अन्य विषयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं, लेकिन संगीत जैसे महत्वपूर्ण विषय के लिए आज तक स्थायी पदों पर नियुक्ति नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संगीत शिक्षा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियां और संगीत शिक्षा भी आवश्यक हैं, किंतु इस दिशा में सरकार द्वारा अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
क्षेत्र के संगीत प्रेमियों और कलाकारों ने बताया कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि कई वर्षों से चली आ रही है। रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश हाई स्कूलों, हायर सेकेंडरी स्कूलों और कॉलेजों में संगीत विषय के लिए अलग से कोई नियमित शिक्षक नहीं है। इसके बावजूद संगीत में विशारद और अन्य उच्च डिग्रियां प्राप्त अनेक प्रशिक्षित कलाकार रोजगार से वंचित हैं।
स्थानीय संगीत शिक्षकों का कहना है कि पूर्व में कांग्रेस और असम गण परिषद की सरकारों के दौरान भी इस विषय पर कोई ठोस पहल नहीं हुई। वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के दस वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद संगीत शिक्षकों के स्थायी पदों के सृजन और नियुक्ति की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से क्षेत्र के कुछ संगीत शिक्षक और शिक्षिकाएं विभिन्न विद्यालयों में अस्थायी रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि संगीत शिक्षा के महत्व को देखते हुए शीघ्र स्थायी पदों का सृजन कर योग्य एवं प्रशिक्षित संगीत शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।
क्षेत्र के सांस्कृतिक संगठनों और संगीत प्रेमियों ने भी सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने तथा विद्यालयों में संगीत शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।