बराक घाटी के चाय बागान श्रमिकों की समस्याओं को लेकर BCMS प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

बराक घाटी के चाय बागान श्रमिकों की समस्याओं को लेकर BCMS प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात
शिलचर, 28 मई: भारतीय चाय मजदूर संघ (BCMS) बराक वैली यूनिट के एक प्रतिनिधिमंडल ने 26 मई को असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma तथा राज्य के श्रम कल्याण मंत्री से मुलाकात कर बराक घाटी के चाय बागान श्रमिकों के कल्याण, अधिकार एवं विकास से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों को विस्तारपूर्वक उनके समक्ष रखा।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए बराक घाटी के सभी चाय बागानों में समान दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने, घोषित संशोधित मजदूरी को तत्काल लागू करने तथा विशेष रूप से लोंगाई टी एस्टेट में नई मजदूरी व्यवस्था शीघ्र प्रभाव से लागू करने की मांग की। इसके अलावा सब-स्टाफ कर्मचारियों के वेतन पुनरीक्षण एवं वृद्धि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
संघ ने सरकार से अनुरोध किया कि अरुणोदय 4.0 योजना के अंतर्गत 100 प्रतिशत चाय बागान श्रमिक परिवारों को शामिल किया जाए तथा प्रत्येक परिवार से कम-से-कम दो सदस्यों को योजना का लाभ दिया जाए। साथ ही चाय बागान श्रमिकों को भूमि पट्टा वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा श्रमिक परिवारों को निःशुल्क पीडीएस सामग्री एवं आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार की नौकरियों में चाय जनजाति समुदाय के लिए आरक्षण बढ़ाने, विशेष भर्ती अभियान चलाने तथा पात्रता एवं शैक्षणिक मानदंडों में आवश्यक छूट प्रदान करने की मांग भी रखी।
बैठक के दौरान भारतीय चाय मजदूर संघ (BCMS) बराक वैली यूनिट के स्थायी कार्यालय हेतु भूमि आवंटन के लिए भी आवेदन प्रस्तुत किया गया। संघ के नेताओं ने बताया कि संगठन वर्ष 1967 से किराए के भवन से चाय बागान श्रमिकों के अधिकारों और कल्याण के लिए निरंतर कार्य करता आ रहा है।
संघ के महासचिव कंचन सिंह कुर्मी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया है कि जल्द ही पुनः बैठक बुलाकर बराक घाटी के चाय बागान श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
भारतीय चाय मजदूर संघ ने मुख्यमंत्री एवं श्रम कल्याण मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार के नेतृत्व में बराक घाटी के चाय बागान श्रमिकों के सम्मान, अधिकार और विकास को नई दिशा मिलेगी।

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