विश्व दूरसंचार एवं सूचना समाज दिवस पर शिलचर में व्याख्यान सभा आयोजित
शिलचर, 19 मई: दि इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के शिलचर स्थानीय केंद्र द्वारा 17 मई 2026 को विश्व दूरसंचार एवं सूचना समाज दिवस (वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन एंड इन्फॉर्मेशन सोसाइटी डे) उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस वर्ष का विषय था— “डिजिटल लाइफलाइन: एक जुड़े हुए विश्व में लचीलापन सुदृढ़ करना”।
इस अवसर पर सायंकाल एक व्याख्यान सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्र के अध्यक्ष इंजीनियर दिवाकर भट्टाचार्य ने की, जबकि संचालन एवं समन्वय का दायित्व मानद सचिव इंजीनियर अग्निमित्र विश्वास ने निभाया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में इंजीनियर अग्निमित्र विश्वास ने दिवस की थीम की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आधुनिक समाज में डिजिटल अवसंरचना जीवन और आजीविका की आधारशिला बन चुकी है। इसके बाद अध्यक्ष इंजीनियर दिवाकर भट्टाचार्य ने उपस्थित सदस्यों, विद्यार्थियों एवं अतिथियों का स्वागत किया तथा इस दिवस के महत्व पर संक्षिप्त वक्तव्य दिया।
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) ने नवंबर 2006 में इस दिवस की घोषणा की थी और तब से प्रतिवर्ष 17 मई को इसे विश्वभर में मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम का उद्देश्य डिजिटल प्रणालियों को इतना सक्षम बनाना है कि वे किसी भी व्यवधान को सहन कर सकें, परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढाल सकें और शीघ्रता से पुनर्स्थापित हो सकें।
उन्होंने कहा कि एक सशक्त डिजिटल विश्व के लिए समुद्र के भीतर बिछी केबलें, स्थलीय नेटवर्क, उपग्रह और डेटा सेंटर जैसे प्रत्येक घटक में लचीलापन होना अनिवार्य है। यदि इस शृंखला का कोई भी हिस्सा प्रभावित होता है, तो वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन और आपदा प्रबंधन जैसी आवश्यक सेवाएँ बाधित हो सकती हैं।
इसके पश्चात इंजीनियर अग्निमित्र विश्वास ने संस्था पर आधारित एक वृत्तचित्र प्रदर्शित किया, जिसमें संस्था के इतिहास, उद्देश्यों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों, इंजीनियरिंग शिक्षा के प्रसार तथा इंजीनियरों की पेशेवर दक्षता और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका को प्रस्तुत किया गया। साथ ही सदस्यों को उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं एवं अवसरों की जानकारी भी दी गई।
मुख्य वक्ता के रूप में संस्था के फेलो तथा भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के सेवानिवृत्त उप महाप्रबंधक इंजीनियर अमिताभ नाथ ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से डिजिटल अवसंरचना की लचीलापन क्षमता पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रणालियों की स्थिरता और सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित, अनुकूलनशील और मजबूत सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) अवसंरचना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए पेशेवरों, शिक्षाविदों, दूरसंचार नियामकों, उपकरण निर्माताओं, सेवा प्रदाताओं, विद्यार्थियों और उपभोक्ताओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
इंजीनियर नाथ ने कहा कि डिजिटल लचीलापन समय की मांग है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति इंटरनेट का उपयोग सुरक्षित, सुलभ, किफायती और प्रभावी ढंग से कर सके। उन्होंने चेतावनी दी कि डिजिटल प्रणालियों के विफल होने पर मोबाइल एवं डेटा संचार, बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवाएं और परिवहन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने और आवश्यक सेवाओं की सुरक्षा के लिए देशों के बीच समन्वित प्रयासों का आह्वान किया।
व्याख्यान के पश्चात इंजीनियर देवव्रत पाल के संचालन में एक जीवंत संवाद सत्र आयोजित हुआ, जिसमें सदस्यों, अतिथियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अंत में केंद्र की ओर से इंजीनियर सुबीर कुमार राय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।