रविंद्र जयंती एवं अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस पर निक्कण सामाजिक सांस्कृतिक संस्था का भव्य आयोजन
प्रे.स., उधारबंद, 12 मई : कविगुरु Rabindranath Tagore की 165वीं जयंती के उपलक्ष्य में शनिवार को निक्कण सामाजिक सांस्कृतिक संस्था की ओर से एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। रविंद्र स्मरण तथा अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस को केंद्र में रखकर आयोजित इस कार्यक्रम में संस्था की छात्राओं ने नृत्य, संगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कविगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्था के मुख्य सलाहकार एवं पूर्व शिक्षक-शिल्पी शरदिंदु भट्टाचार्य, कवि-पत्रकार निहार कांति राय, बराक घाटी के विशिष्ट चित्रकार गौरी शंकर नाथ, बबिता सिन्हा, अनीता घोष, मंजुश्री पाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। सभी ने कविगुरु के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस के अवसर पर संस्था की ओर से मंजुश्री पाल एवं अनीता घोष को उत्तरिय एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। संस्था के अध्यक्ष शुभ्रांशु नाथ मजूमदार ने उन्हें सम्मान प्रदान किया।
मुख्य अतिथि शरदिंदु भट्टाचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि नई पीढ़ी में अपनी संस्कृति एवं मातृभाषा के प्रति सम्मान की भावना जागृत करने में निक्कण सामाजिक सांस्कृतिक संस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने संस्था के अध्यक्ष शुभ्रांशु नाथ मजूमदार के प्रयासों की सराहना करते हुए कलाकारों से मां और मातृभाषा के प्रति सदैव श्रद्धावान रहने का आह्वान किया।
कवि-पत्रकार निहार कांति राय ने अपने वक्तव्य में Rabindranath Tagore के बचपन की कुछ घटनाओं का उल्लेख करते हुए अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने संस्कृति संरक्षण के इस प्रयास में सभी से सहभागी बनने की अपील की।
उधारबंद के संगीत कलाकार बिजन भट्टाचार्य ने भी संस्था के अध्यक्ष शुभ्रांशु नाथ मजूमदार की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता एवं प्रयासों की प्रशंसा की।
कार्यक्रम में पायल देव, तिस्ता मोदक, सप्तपर्णा चक्रवर्ती, प्रज्ञा घोष, अपराजिता पाल एवं शर्मिष्ठा राय ने एकल नृत्य प्रस्तुत किए। इसके अलावा एकल एवं सामूहिक संगीत की भी प्रस्तुति दी गई। दूसरे चरण में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित हुआ। चित्रकार गौरी शंकर नाथ ने प्रतियोगिता में विजेता चित्रों की विशेषताओं को दर्शकों के सामने प्रस्तुत करते हुए बताया कि वे पुरस्कार के योग्य क्यों हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत में संस्था के अध्यक्ष शुभ्रांशु नाथ मजूमदार ने स्वागत भाषण दिया। अंत में मुख्य अतिथियों एवं अन्य अतिथियों ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।