पाँचग्राम में वैदिक गणित कार्यशाला आयोजित, NEP-2020 के संदर्भ में भारतीय ज्ञान परंपरा पर जोर
शिलचर, 3 मई 2026: शिक्षा विकास परिषद, दक्षिण असम प्रांत (विद्या भारती) के तत्वावधान में शनिवार, 2 मई 2026 को विद्या भारती से संबद्ध सरस्वती विद्या निकेतन, पाँचग्राम में एक दिवसीय वैदिक गणित कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में दक्षिण असम प्रांत के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में दक्षिण असम प्रांत के संगठन मंत्री महेश भागवत ने नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के परिप्रेक्ष्य में वैदिक गणित की उपयोगिता और भारतीय शिक्षा पद्धति में उसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैदिक गणित विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, स्मरण शक्ति और गणनात्मक दक्षता को विकसित करने में अत्यंत सहायक है।
कार्यक्रम में प्रांत के सह-उपाध्यक्ष अपूर्व नाथ ने भारतीय ज्ञान परंपरा तथा प्राचीन भारतीय गणितज्ञों के वैश्विक योगदान पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने भारतीय गणित की समृद्ध विरासत को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
चार सत्रों में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रांत के प्रशिक्षण प्रमुख पिंकु मालाकार तथा प्रांत के वैदिक गणित प्रमुख साधन कुमार दास ने प्रतिभागियों को वैदिक गणित की विभिन्न तकनीकों एवं सूत्रों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मृणाल कांति दास तथा विद्यालय की प्रधान आचार्या श्रावणी दास भी उपस्थित रहीं। कार्यशाला में दक्षिण असम प्रांत के 8 संकुलों के 16 विद्यालयों से कुल 21 आचार्य एवं आचार्याओं ने प्रशिक्षणार्थी के रूप में सहभागिता की।
समापन समारोह में प्रधान आचार्या श्रावणी दास ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कल्याण मंत्र के सामूहिक पाठ के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।