*असम में माता कर्मा देवी की जयंती धूमधाम से मनाई गई*
माता कर्मा देवी तेली जाति जिसमें राठौड़ भी हैं और जाट जाति की कुल माता मानी जाती हैं। वे भगवान श्री कृष्ण के अनन्य भक्त थीं और श्री जगन्नाथ पूरी मंदिर में भगवान को अगाध प्रेमपूर्वक खिचड़ी का भोग लगाती थीं जिसे भगवान सहर्ष ग्रहण करते थे। आज भी वहां प्रथम भोग खिचड़ी का ही लगता है। उनका जन्म पापमोचनी एकादशी के दिन हुआ था और आज 15 मार्च 2026 को उनकी जयंती धूमधाम से भक्तिमय वातावरण में पूरे देश के साथ असम में भी कई शहरों में मनाई गई। गुवाहाटी में यह कार्यक्रम ऑल असम ओबीसी एसोसिएशन के मुख्य कार्यालय में खराब मौसम के बावजूद पूरी निष्ठा और भक्ति से असम प्रदेश तैलिक साहू महासभा द्वारा भगवान श्री राम और श्री कृष्ण की स्तुति करते हुए माता कर्मा के गीत संगीत के साथ हर्षोल्लास के साथ संपन्न किया गया जिसमें मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष पूर्व जज कमलेश कुमार गुप्ता, प्रदेश महामंत्री उमेश कुमार साह, उपेन्द्र जी, संगठन सचिव परशुराम गुप्ता, केंद्रीय युवा सह सचिव राहुल गुप्ता, बेलतोला वसिष्ठ के अध्यक्ष मुकेश प्रसाद साह, फैंसी बाजार के पदाधिकारी संतोष कुमार साह, अशोक कुमार साहू, संजय गुप्ता आदि शामिल हुए। उधर तिनसुकिया शहर में भी माता कर्मा जयंती धूमधाम से वहां के साहू भवन में मनाई गई जिसमें वहां के अध्यक्ष शशि शेखर गुप्ता, सचिव गोपाल प्रसाद साहू, मोहन साहू, नागेन्द्र गुप्ता, त्रिलोक गुप्ता आदि अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए। इस अवसर पर श्री जगन्नाथ पूरी में माता कर्मा द्वारा भगवान श्री कृष्ण को लगाए गए खिचड़ी के भोग को स्मरण कर कई जगहों पर भगवान को खिचड़ी की भोग लगाई गई और जनसामान्य में प्रसाद के रूप में वितरित की गई।