इचाबिल चाय बागान के मालिक को चंडीपुर चाय बागान की जिम्मेदारी  दिए जाने का श्रमिकों ने किया विरोध

इचाबिल चाय बागान के मालिक को चंडीपुर चाय बागान की जिम्मेदारी  दिए जाने का श्रमिकों ने किया विरोध
प्रीतम दास हाइलाकांदी ७ मार्च: चंडीपुर चाय बागान की मालिकाना हक इचाबिल चाय बागान के मालिक को सौंपे जाने की संभावित खबर को लेकर श्रमिकों के बीच तीव्र असंतोष देखा गया है। इस संबंध में चंडीपुर चाय बागान के श्रमिकों और बागान पंचायत की ओर से हाइलाकांदी के जिला प्रशासन के पास एक लिखित विरोधी आवेदन जमा किया गया है।आवेदन में श्रमिकों ने उल्लेख किया है कि गत ६ मार्च को विशेष सूत्रों से उन्हें जानकारी मिली कि चंडीपुर चाय बागान की मालिकाना हक इचाबिल चाय बागान के मालिक को देने की प्रक्रिया चल रही है। यह खबर फैलते ही चंडीपुर चाय बागान के श्रमिकों के बीच भारी उत्तेजना और असंतोष फैल गया।श्रमिकों का दावा है कि इससे पहले ४ मार्च को भी जिला प्रशासन के पास एक लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई थी। उस शिकायत में उन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था कि श्रमिकों के जीवन-जीविका को नुकसान पहुंचाने के आरोपित राहुल तुषनियाल के करीबी माने जाने वाले स्वरूप दास तथा इचाबिल चाय बागान के मालिक श्री रणक अग्रवाल को किसी भी स्थिति में चंडीपुर चाय बागान का मालिकाना हक या जिम्मेदारी न दी जाए।आवेदन में आगे कहा गया है कि श्रमिकों की पूरी इच्छा के विरुद्ध इचाबिल चाय बागान के मालिक चंडीपुर चाय बागान की मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए विभिन्न प्रयास कर रहे हैं। श्रमिकों का आरोप है कि पिछले एक वर्ष में इचाबिल चाय बागान में कई निर्दोष श्रमिकों को अवैध रूप से काम से निकाल दिया गया है। इस संबंध में प्रमाण करिमगंज लेबर ऑफिस तथा सहायक श्रम आयुक्त के कार्यालय में भी दर्ज होने का दावा किया गया है।श्रमिकों ने आशंका व्यक्त की है कि यदि इचाबिल चाय बागान के मालिक को चंडीपुर चाय बागान की जिम्मेदारी दी जाती है तो श्रमिकों के बीच तीव्र असंतोष और उत्तेजना उत्पन्न हो सकती है तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ सकती है।इसलिए श्रमिकों की ओर से जिला प्रशासन से जोरदार अपील की गई है कि इचाबिल चाय बागान के मालिक को चंडीपुर चाय बागान की मालिकाना हक या जिम्मेदारी न दी जाए और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

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