धोलाई में दो दिवसीय कार्यक्रमों के साथ असम भूमिज समाज का 18वां स्थापना दिवस सम्पन्न

धोलाई में दो दिवसीय कार्यक्रमों के साथ असम भूमिज समाज का 18वां स्थापना दिवस सम्पन्न

शिलचर, 15 फरवरी।
कछार जिले के धलाई क्षेत्र में सदौ असम भूमिज समाज का 18वां वार्षिक स्थापना दिवस दो दिवसीय भव्य कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ। बराक घाटी स्तर पर आयोजित इस स्थापना दिवस एवं युवा सम्मेलन का आयोजन रुकनी चाय बागान के बिलटिला परिसर में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कछार जिला इकाई की पहल पर हाइलाकांदी और श्रीभूमि जिलों के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ समाज की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष हिबेन भूमिज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उद्घाटन सत्र में समाज की एकता को सुदृढ़ करने, शिक्षा के प्रसार तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया।
दो दिवसीय आयोजन के दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। झुमइर और काठी नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से चाय जनजाति की समृद्ध परंपरा, इतिहास और सांस्कृतिक विविधता को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया।
इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी एवं विचार-विमर्श सत्र में शिक्षा के व्यापक प्रसार, सांस्कृतिक जागरूकता, बाल विवाह उन्मूलन तथा अंधविश्वास और कुरीतियों के खिलाफ जनचेतना फैलाने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने समाज के सर्वांगीण विकास के लिए संगठित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान चाय बागान श्रमिकों की दैनिक मजदूरी में वृद्धि तथा चाय जनजाति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में शामिल करने की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई गई। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जब तक मजदूरों को उचित पारिश्रमिक और संवैधानिक अधिकार नहीं मिलते, तब तक उनका सामाजिक-आर्थिक विकास संभव नहीं है।
दो दिनों तक चले इस आयोजन में बराक घाटी के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, युवा प्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने समाज में एक नई ऊर्जा और एकजुटता का संदेश दिया।

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