उधारबंद में केसीसी जागरूकता एवं ऋण आवेदन शिविर आयोजित, 140 आवेदन जमा
उधारबंद (प्रेरणा भारती | निहार कांत राय):
उधारबंद एग्रो एंड एलाइड फीड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी तथा उधारबंद कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को उधारबंद ब्लॉक ऑडिटोरियम में एक दिवसीय केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) जागरूकता एवं ऋण आवेदन शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जिसमें डीईओ एन. आर. अहमद ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और कृषि के विकास से ही देश की प्रगति संभव है। उन्होंने बताया कि इस शिविर का उद्देश्य किसानों को बैंक के माध्यम से सरल प्रक्रिया में ऋण व अनुदान प्राप्त करने के प्रति जागरूक करना है।
शिविर में विभागीय अधिकारियों, बैंक प्रबंधकों एवं नाबार्ड के अधिकारियों ने किसानों को केसीसी के माध्यम से ऋण आवेदन की प्रक्रिया, आवश्यक शर्तें, ब्याज दर, ऋण की कुल राशि तथा पुनर्भुगतान अवधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डीईओ एन. आर. अहमद ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तथा रबी फसलों की खेती पर भी चर्चा की।
नाबार्ड के जिला विकास अधिकारी लिकमाबाम ने केसीसी योजना को सरल भाषा में समझाते हुए किसानों को इसके लाभ, शर्तें एवं नियमों की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और अटल पेंशन योजना से किसानों को होने वाले लाभों पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर शालगंगा ग्रामीण बैंक के प्रबंधक सौरव देव ने कहा कि केसीसी के माध्यम से ऋण प्राप्त करना आसान है, बशर्ते किसान सभी आवश्यक शर्तों को पूरा करें। कृषि विभाग के टेक्निकल मैनेजर रकिबुल इस्लाम ने जैविक कृषि पद्धति पर विस्तृत जानकारी दी।
जागरूकता सभा की अध्यक्षता चेयरमैन सजुल इस्लाम बरभुइयां ने की। मंच पर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स श्यामल सिंह, अफसान मिनाल हुसैन बरभुइयां, राजीव राय, आबिद हुसैन लस्कर, एईई विश्वजीत दास, आजाद हुसैन चौधुरी, जयंत दास एवं अमीनुल इस्लाम लस्कर उपस्थित थे।
शिविर में 300 से अधिक किसानों ने भाग लिया, जबकि केसीसी ऋण के लिए कुल 140 आवेदन पत्र जमा किए गए।