लाखपति बहिन बनाने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम महिला उद्यमिता परियोजना- मुख्यमंत्री
निहार कांति राय, उधारबंद, 7 दिसंबर :
आत्मनिर्भर असम और आत्मनिर्भर महिला शक्ति के निर्माण के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ‘महिला उद्यमिता परियोजना’ को नई गति दे रही है। रविवार को उधरबंद स्थित डीएनएचएस स्कूल मैदान में आयोजित 15,301 लाभार्थियों को चेक वितरण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “अगले चरणों में असम की 40 लाख महिलाओं को क्रमशः ‘लाखपति बहिन’ बनाने की दिशा में यह पहला महत्वपूर्ण कदम है।” उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज़ में उपस्थित महिलाओं से पूछा कि इस राशि से वे क्या करेंगी—मोबाइल खरीदेंगी क्या? भीड़ से ‘नहीं’ की आवाज़ आने पर उन्होंने कहा कि इस धनराशि का उपयोग महिलाएँ सामूहिक रूप से व्यवसाय खड़ा करने में, व्यक्तिगत उद्यम शुरू करने में या अपने पति के व्यापार में पूंजी के रूप में कर सकती हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे संबंधित विभाग के अधिकारी लाभार्थियों की प्रगति की समीक्षा करेंगे, जिसके बाद दूसरे चरण में 25,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि चार या उससे अधिक बच्चों वाली महिलाएँ तथा वे महिलाएँ जो दी गई राशि का उपयोग व्यवसाय में नहीं करेंगी, वे इस दूसरे चरण से वंचित रहेंगी।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “कांग्रेस लुंगी-धोती बाँटकर वोट माँगती थी, जबकि हमारी सरकार आपको आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता दे रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि असम में अब मनमाने तरीके से बहुविवाह नहीं चल सकेगा। “ऐसा विवाह करने पर पति को सात साल की सजा का प्रावधान है,” उन्होंने चेतावनी दी।
राशन सुविधा पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी रेशन कार्ड धारकों को 120 रुपये में एक किलो दाल, एक किलो चीनी और एक किलो नमक मिलता है। अगले जनवरी से 100 रुपये में चावल, दाल और चीनी उपलब्ध कराई जाएगी।
उधारबंद विधानसभा क्षेत्र में अरुणोदया योजना के लाभार्थियों की संख्या पूछने पर 27,000 महिलाओं का नाम सामने आया। मुख्यमंत्री ने इसमें 4,000 और जोड़ने का निर्देश दिया और इसे 15 दिसंबर के भीतर पूरा करने को कहा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनवरी में महिलाओं को एक “बड़ा सरप्राइज” मिलेगा।
अपनी बात के समापन में उन्होंने लोगों से भाजपा को समर्थन देने की अपील की ताकि “असम में विकास की गति और तेज हो सके।”
सांसद परिमल शुक्लबैद्य ने मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की विभिन्न योजनाएँ विशेष रूप से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त कर रही हैं।
उधारबंद के विधायक ने अपने संबोधन में क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया और कहा कि चाय बागान क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं में व्यापक सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि बराक नदी पर 97 करोड़ रुपये की लागत से एक नया पुल तेजी से बन रहा है, जिसके जरिए दूधपतिल से शिलचर–मालूग्राम तक आवागमन सुगम होगा।
उन्होंने कहा कि बराक और ब्रह्मपुत्र घाटियों के बीच जो विकासात्मक अंतर था, वह मुख्यमंत्री के मजबूत नेतृत्व और तत्परता से काफी हद तक समाप्त हो चुका है।
कार्यक्रम में एसआरएलएम के मिशन निदेशक कुंतल मणि शर्मा बोरदलोई ने स्वागत भाषण दिया। मंच पर मंत्री कौशिक राय, कृष्णेंदु पाल, कमलाक्ष देव पुरकायस्थ, दीपायन चक्रवर्ती, पूर्व विधायक राजदीप ग्वाला, विधायक निहार रंजन दास, जिला परिषद अध्यक्ष कंकन नारायण शिकदार सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में विधायक मिहिर कांति सोम ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा को गणेश की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया।