ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया भारत की निर्णायक वायुशक्ति: वायुसेना प्रमुख- रत्नज्योति दत्ता

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर :  वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल अमर प्रीत सिंह ने मंगलवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिए भारत ने दुनिया को दिखाया कि कैसे वायुशक्ति कुछ ही दिनों में सैन्य नतीजों को निर्णायक रूप से बदल सकती है।

हिंडन एयरबेस पर वायुसेना दिवस परेड 2025 को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि भारतीय वायुसेना के योद्धाओं ने ऑपरेशन सिंदूर में शानदार प्रदर्शन कर देश का मान बढ़ाया और वायुशक्ति में राष्ट्र का भरोसा मज़बूत किया।

चित्र शिप्रा दास

“ऑपरेशन सिंदूर यह साबित करता है कि सावधानीपूर्वक योजना, अनुशासित प्रशिक्षण और दृढ़ निश्चयी कार्रवाई से वायुशक्ति किस तरह निर्णायक सैन्य सफलता दिला सकती है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने कहा कि यह सफलता विश्व की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना की सावधानीपूर्वक योजना, अनुशासित प्रशिक्षण और दृढ़ कार्यान्वयन को दर्शाती है।

भारतीय वायुसेना ने अपने 93वें स्थापना दिवस पर एक भव्य परेड आयोजित कर राष्ट्र की सेवा और सुरक्षा की शपथ दोहराई।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वायुसेना ने सेंसर और रडार के उन्नत नेटवर्क का प्रदर्शन किया, जो दुश्मन के विमनों, हवाई हथियारों और ड्रोनों को सटीकता से ट्रैक कर उन्हें नष्ट करने में सक्षम है।

भारतीय सेना की वायु रक्षा इकाइयों के सहयोग से वायुसेना की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAM) और काउंटर-यूएएस इकाइयों ने इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (IACCS) के तहत समन्वित कार्रवाई करते हुए उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए।

परेड में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29, स्वदेशी नेत्र एईडब्ल्यू एंड सी, सी-17 ग्लोबमास्टर III, आकाश मिसाइल प्रणाली, सी-130जे हरक्यूलिस, अपाचे हेलीकॉप्टर और उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर ने वायुसेना की ताकत का प्रदर्शन किया।

सिंह ने 1948, 1971 और 1999 के युद्धों, बालाकोट हवाई हमलों और ऑपरेशन सिंदूर जैसी उपलब्धियों को याद करते हुए कहा, “हमारे वायु योद्धाओं ने हर युग में इतिहास रचा है। हम केवल आकाश के नहीं, राष्ट्र के सम्मान के भी रक्षक हैं।”

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