प्रेरणा भारती, शिलचर, 25 जून:
बदरपुर-लमडिंग रेलमार्ग के अंतर्गत जाटिंगा-लमपुर खंड में एक बार फिर भारी भूस्खलन के कारण रेल सेवाएं बाधित हो गई हैं। इस घटना को लेकर ‘शिलचर-लमडिंग ब्रॉडगेज रूपायन संग्राम समिति’ ने गहरा रोष व्यक्त किया है।
समिति की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि हर वर्ष मानसून के दौरान यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। समिति ने वर्षों से यह मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान करते हुए चंद्रनाथपुर से लंका तक द्वितीय रेलमार्ग का शीघ्र निर्माण कार्य शुरू किया जाए।
गौरतलब है कि गत 15 फरवरी को शिलचर में एक विशाल जनसभा आयोजित की गई थी, जिसमें बराक उपत्यका के तीनों जिलों के प्रतिनिधियों ने इस मांग का समर्थन करते हुए एकजुट स्वर में आवाज़ बुलंद की थी। जनसभा में यह भी मांग की गई थी कि चंद्रनाथपुर-लंका रेललाइन के सर्वेक्षण की रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक की जाए। सभा के बाद समिति ने रेल मंत्री को एक स्मारक पत्र भेजकर द्वितीय मार्ग की आवश्यकता और तात्कालिकता को रेखांकित किया था।
समिति के संयोजकों — अरुणांशु भट्टाचार्य, प्रो. अजय राय और सुशील पाल — ने वर्तमान स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि जाटिंगा-लमपुर खंड की रेललाइन की युद्धस्तर पर मरम्मत कर यात्री सेवा तत्काल बहाल की जाए। साथ ही, चंद्रनाथपुर-लंका द्वितीय रेललाइन निर्माण कार्य बिना किसी और विलंब के शुरू किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं करते हैं, तो समिति एक बार फिर व्यापक जनांदोलन खड़ा करने के लिए बाध्य होगी।
समिति की यह मांग अब केवल तकनीकी नहीं, बल्कि जनहित की आवश्यकता बन चुकी है।