बाढ़ के बाद स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए असम राइफल्स की सक्रिय पहल

शिलचर, 6 जून: त्रिपुरा और पश्चिम मणिपुर में हालिया बाढ़ राहत अभियानों के बाद, ठहरे हुए जल और बढ़ी हुई आर्द्रता के कारण मच्छर जनित बीमारियों और स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं की आशंका बढ़ गई है। ऐसे हालात में असम राइफल्स ने नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सक्रिय कदम उठाए हैं।

5 जून 2025 को असम राइफल्स द्वारा त्रिपुरा के पश्चिमी जिले के सदर अनुमंडल अंतर्गत चंद्रपुर और रेशमबागान के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग अभियान चलाया गया। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस अभियान का उद्देश्य डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के प्रसार को रोकना था।

इसके अलावा, असम राइफल्स ने उनाकोटी जिले के कैलाशहर स्थित डोलागांव बाजार में एक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया, जिसमें बाढ़ के कारण विस्थापित हुए लगभग 120 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। उन्हें आवश्यक दवाएं वितरित की गईं और उपचार भी उपलब्ध कराया गया। शिविर के दौरान बेहोशी की हालत में लाई गई 40 वर्षीय महिला को असम राइफल्स की मेडिकल टीम ने तुरंत प्राथमिक उपचार देकर सफलतापूर्वक होश में लाया।

पश्चिम मणिपुर के जीरीबाम जिले के कामरंगा और छोटाबेखरा, तथा तमेंगलोंग जिले के तातबुंग क्षेत्रों में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए चिकित्सा शिविर और खाद्य सामग्री वितरण कार्यक्रम भी चलाए गए, जिनका लाभ कुल 184 लोगों को मिला।

असम राइफल्स द्वारा समय पर उठाए गए इन संवेदनशील और प्रभावशाली कदमों ने एक बार फिर इसे पूर्वोत्तर भारत के “प्रहरी” के रूप में स्थापित किया है — जो हर समय सेवा और सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।

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