असम के सोनाबाड़ीघाट ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने बुधवार को सैकड़ों स्व-सहायता समूह (SHG) की महिलाओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इन महिलाओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना के तहत मिलने वाली ₹10,000 की आर्थिक सहायता से बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थियों के नाम बिना किसी स्पष्ट कारण के हटा दिए गए हैं।
महिलाओं ने मीडिया के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के आह्वान पर उन्होंने इस योजना के लिए आवेदन किया था। सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उन्होंने आवेदन जमा किए और ब्लॉक स्तर पर दो से तीन बार सत्यापन भी हुआ। इसके बाद उन्हें चयनित भी किया गया। लेकिन हाल ही में भाजपा मंडल समिति के पदाधिकारियों द्वारा की गई पुनः जांच के बाद कई महिलाओं के नाम सूची से हटा दिए गए।
आरोप है कि एक-एक SHG से केवल दो से तीन नामों को ही रखा गया, जबकि शेष के नाम बिना उचित कारण के हटा दिए गए। महिलाएं कहती हैं कि सभी मापदंडों को पूरा करने के बावजूद उन्हें योजना से वंचित किया गया, जो न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि लंबे समय से जारी सत्यापन प्रक्रिया के बाद यह उनके साथ एक प्रकार की मानसिक प्रताड़ना भी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव पूर्व जो वादे किए गए थे, अगर उन्हें नजरअंदाज कर ऐसे ही नाम हटाए गए, तो वे चुप नहीं बैठेंगी। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व शर्मा से इस मामले में हस्तक्षेप कर सभी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ सुनिश्चित कराने की मांग की है।