धोलाई के भागाबाजार में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ दो मासूम बच्चों ने अपनी सूझ-बूझ और बहादुरी से खुद को एक कथित अपहरणकर्ता के चंगुल से बचा लिया। ये दोनों बच्चे धोलाई जिले के जमालपुर निवासी धनाई मिया बड़भुइया के पुत्र हैं।
मंगलवार दोपहर लगभग 1 बजे एक अनजान ऑटोचालक ने बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने ऑटो में बैठा लिया और मिज़ोरम की ओर रवाना हो गया। लेकिन किस्मत ने बच्चों का साथ दिया। जब ऑटोचालक भागाबाजार बाम विद्यापीठ हाई स्कूल के सामने अपने वाहन को रोककर सामान खरीदने एक दुकान में गया, तब दोनों भाइयों में से एक ने अपनी चतुराई से मौका देख ऑटो से उतरकर अपने भाई के साथ वहां से भाग निकला।
बच्चे धीरे-धीरे शाम होते-होते निर्माणाधीन भागा-शेरखान पुल पार कर एक मंदिर के पास पहुँचे। दो अनजान और डरे-सहमे बच्चों को देख स्थानीय लोगों को शक हुआ। जब उन्होंने पूछताछ की, तो बच्चों ने पूरी घटना बता दी—कैसे एक अजनबी उन्हें मिजोरम ले जा रहा था और कैसे वे किसी तरह वहां से भाग निकले।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाने की व्यवस्था की है और ऑटोचालक की तलाश शुरू कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि बच्चों को सतर्क और जागरूक बनाना कितना जरूरी है।
प्रेरणा भारती दैनिक अपील करता है कि अभिभावक अपने बच्चों को अजनबियों से सतर्क रहने की शिक्षा दें और ऐसे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी स्थानीय प्रशासन को दें।