महाकुंभ के बाद बाबा विश्‍वनाथ के दर्शन को काशी आए 3 करोड़ श्रद्धालु, 70 ट्रक जूते-चप्‍पल, कपड़े छोड़ गए

वाराणसी: महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में पुण्‍य की डुबकी लगाने के बाद करीब तीन करोड़ श्रद्धालु काशी पहुंचे। इस दौरान काशी विश्‍वनाथ मंदिर और काशी के कोतवाल कालभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन को रेला चलता रहा। श्रद्धालुओं द्वारा मंदिरों के बाहर सड़क और गलियों में छोड़े गए जूते-चप्‍पलों का पहाड़ हटाने के लिए नगर निगम की कई टीमें सक्रिय रहीं।महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि देर रात मंदिरों के बाहर से औसत प्रतिदिन दो कूड़ा गाड़ी (मिनी ट्रक) जूते और चप्‍पलों को हटवाया गया। कुल 70 गाड़ी जूते-चप्‍पल हटवाकर करसड़ा कूड़ा प्‍लांट में भेजे गए। मंदिरों के बाहर अतिरिक्‍त कर्मचारी लगाकर तीन शिफ्टों में साफ-सफाई का काम चलता रहा।उधर, महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर गंगा स्‍नान के लिए आए श्रद्धलुओं द्वारा घाटों पर छोड़ दिए गए कई टन कपड़े, पॉलिथिन के पैकेट इत्‍यादि को नगर निगम की टीम के साथ नमामि गंगे से जुड़े कार्यकर्ताओं ने हटवाया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्‍वच्‍छता ब्रांड अंबैसडर राजेश शुक्‍ला ने बताया कि गंगा घाटों पर कपड़े छोड़ कर जाने से किसी प्रकार से पुण्‍य की प्राप्ति नहीं होती है, लेकिन अंध विश्‍वास में लोग ऐसा करते हैं।

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