प्रे.स. शिलचर, 10 फरवरी: शिलचर के गुरुचरण कॉलेज में सोमवार को अंग्रेज़ी विभाग द्वारा 11वां वार्षिक व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रमुख वक्ता के रूप में त्रिपुरा विश्वविद्यालय के अंग्रेज़ी विभाग के प्रख्यात प्रोफेसर पार्थ सारथी गुप्ता उपस्थित थे।
अपने व्याख्यान में प्रोफेसर गुप्ता ने साहित्यिक आलोचना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने पाठ, पाठ्यता सिद्धांत और पाठ आलोचना की बदलती पद्धतियों पर गहराई से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विभास देव ने अंग्रेज़ी विभाग के शिक्षकों और छात्रों के प्रयासों की सराहना की। अंग्रेज़ी विभाग के प्रमुख डॉ. पंथप्रिय धर ने स्वागत भाषण दिया और कहा,
“यह वार्षिक व्याख्यान शृंखला गुरुचरण कॉलेज की एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल है। यह विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को समसामयिक साहित्यिक विषयों पर विचार-विमर्श करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।”
कार्यक्रम में डॉ. मेहदी हसन चौधरी, शांतनु स्वरूप रॉय सहित कई गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित थे। इस व्याख्यान में शिक्षक, छात्र और साहित्य प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।