गुंडई पर उतरी इन्‍फोसिस! 400 ट्रेनी को कर दिया फायर, मोबाइल भी जब्‍त, रोकने के लिए लगाए बाउंसर्स

नई दिल्‍ली. दिग्‍गज टेक कंपनी इन्‍फोसिस के साथ विवादों का सिलसिला लगातार चल रहा है. पहले कंपनी के फाउंडर नारायण मूर्ति ने सप्‍ताह में 90 घंटे काम कराने की बात कहकर पूरे उद्योग जगत में तहलका मचा दिया और अब कंपनी अपने ही कर्मचारियों के खिलाफ ‘गुंडई’ पर उतर आई है. कंपनी ने कर्नाटक के मैसूर स्थित कैंपस से 400 ट्रेनी इंजीनियर्स को फायर कर दिया है. इतना ही नहीं कंपनी ने इन कर्मचारियों का फोन भी जब्‍त कर लिया और उन्‍हें रोकने के लिए बाकायदा बाउंसर्स तैनात कर दिए हैं.

मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इन ट्रेनी इंजीनियरों ने 3 बार लगातार मूल्‍यांकन टेस्‍ट देने के बाद भी परीक्षा नहीं पास की. इसके बाद उन्‍हें कैंपस से बाहर निकाल दिया गया. इंजीनियरों का कहना है कि उन्‍हें करीब ढाई साल के लंबे इंतजार के बाद यह मौका मिला था. कंपनी ने मंदी का हवाला देते हुए प्रोजेक्‍ट को रोक दिया था. अब जबकि इसमें वापस आने का मौका मिला तो कंपनी ने फेल करार देते हुए बाहर कर दिया. इन सभी को सिस्टम इंजीनियर्स (SE) और डिजिटल स्पेशलिस्ट इंजीनियर्स (DSE) के पद पर भर्ती किया गया था.

क्‍या बोली कंपनी

इन्‍फोसिस ने इस मामले पर कहा कि हमारे यहां भर्ती को लेकर एक सख्‍त प्रक्रिया है. इसके लिए मैसूर स्थित कैंपस में प्रशिक्षण के बाद उनका मूल्‍यांकन टेस्‍ट होता है. सभी नए कर्मचारियों को मूल्यांकन पास करने के लिए तीन मौके मिलते हैं. अगर वे इसमें असफल होते हैं तो नौकरी जारी नहीं रख सकते. यह सारी बातें कर्मचारियों के साथ किए अनुबंध में भी लिखी हैं. ऐसा नहीं है कि यह प्रक्रिया आजकल में शुरू की गई है, पिछले 20 साल से हम ऐसा ही करते आए हैं. कंपनी इन कर्मचारियों का प्रशिक्षण 50-50 के बैच में करता है.

ट्रेनी इंजीनियरों ने लगाया आरोप

निकाले जाने के बाद ट्रेनी इंजीनियरों ने मनीकंट्रोल को बताया कि यह अनुचित है, क्योंकि परीक्षाएं बहुत कठिन थीं और हमें असफल करने के लिए बनाई गई थीं. फायर किए जाने के बाद कई ट्रेनी बेहोश हो गए और अब भविष्य अंधकारमय दिख रहा है. कंपनी ने ट्रेनी को ये ऑफर लेटर साल 2022 में भेजे थे, लेकिन आईटी उद्योग में मंदी के बाद उम्मीदवारों को ऑन-बोर्ड नहीं किया. 3 सितंबर को, Infosys ने 2022 के कैंपस हायर से लगभग 1,000 फ्रेशर्स को जॉइनिंग डेट के साथ पत्र भेजे. फिर असेसमेंट टेस्‍ट के बाद इसमें से 400 को बाहर कर दिया.

कंपनी ने तैनात किए बाउंसर्स

सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने यह सुनिश्चित करने के लिए बाउंसर और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया है कि प्रशिक्षु मोबाइल फोन न ले जाएं. प्रशिक्षुओं को शाम 6 बजे तक परिसर खाली करने के लिए कहा गया है. इसके बाद Nascent Information Technology Employees Senate (NITES) ने कहा कि वह श्रम और रोजगार मंत्रालय के पास आधिकारिक शिकायत दर्ज कर रहा है, जिसमें तत्काल हस्तक्षेप और Infosys के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है. इस स्पष्ट कॉर्पोरेट शोषण को जारी नहीं रहने दिया जा सकता और हम सरकार से भारतीय आईटी कर्मचारियों के अधिकारों और गरिमा को बनाए रखने के लिए त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह करते हैं.

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