कछार में स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति: आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहल का शुभारंभ

प्रे.स. शिलचर, 22 जनवरी:  कछार जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम) पहल ने क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में उल्लेखनीय प्रगति की है। 176 केंद्रों की स्थापना के साथ, इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल (सीपीएचसी) सेवाएं सुलभ, सस्ती और उच्च गुणवत्ता के साथ प्रदान करना है।

स्वास्थ्य सेवा का व्यापक दायरा
आयुष्मान आरोग्य मंदिर केंद्र मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवा, गैर-संचारी रोगों के प्रबंधन, आपातकालीन चिकित्सा देखभाल और नैदानिक सेवाओं सहित 12 आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए तैयार हैं। साथ ही, इन केंद्रों में मुफ्त दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पहल सुनिश्चित करती है कि स्वास्थ्य सेवाएं जिले के हर व्यक्ति तक समय पर पहुंचे।

चाय बागानों के लिए विशेष पहल
इस कार्यक्रम की एक विशेष उपलब्धि कछार जिले के 27 चाय बागानों और जिला स्वास्थ्य सोसायटी, कछार के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) है। इस समझौते के तहत, चाय बागान अस्पतालों को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में परिवर्तित किया जाएगा। इससे चाय बागान श्रमिकों और उनके परिवारों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

शुभारंभ समारोह और सरकारी भागीदारी
इस पहल का आधिकारिक शुभारंभ गुवाहाटी के जनता भवन में पुरानी सीएम ब्लॉक में स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल और श्रम कल्याण मंत्री रूपेश गोवाला की उपस्थिति में हुआ। सिलचर में जिला आयुक्त कार्यालय के पुराने सम्मेलन हॉल में आयोजित जिला स्तरीय शुभारंभ समारोह में जनप्रतिनिधियों, चाय बागान प्रबंधन और स्वास्थ्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

समग्र स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान केंद्रित
आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहल गर्भावस्था देखभाल, नवजात और शिशु स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, संचारी और गैर-संचारी रोग प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य, और आपातकालीन सेवाओं जैसी प्रमुख स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करती है। यह पहल चाय बागान श्रमिक समुदायों की विशिष्ट स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान करने के लिए एक लक्षित दृष्टिकोण अपनाती है।

सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) की तैनाती
चाय बागानों के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को संपर्क के पहले बिंदु के रूप में तैनात किया गया है। वर्तमान में 21 चाय बागान अस्पतालों में सीएचओ कार्यरत हैं, जो श्रमिकों और उनके परिवारों को त्वरित और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

वंचित समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच
आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहल असम सरकार और जिला स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच सहयोग का एक आदर्श उदाहरण है। निवारक, प्रोत्साहक, उपचारात्मक और पुनर्वास देखभाल पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यह कार्यक्रम न केवल कछार जिले की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को बदल रहा है, बल्कि एक स्वस्थ और समान भविष्य की ओर भी अग्रसर कर रहा है।

कछार के लिए नई उम्मीद
यह पहल न केवल चाय बागानों के श्रमिक समुदायों के लिए, बल्कि पूरे जिले के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति का प्रतीक है। सरकार की इस अभिनव पहल से कछार एक स्वस्थ, सशक्त और उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है।

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