कछार में भारतमाला परियोजना के निरीक्षण में तेजी: डीसी मृदुल यादव ने दी निर्देश

सिलचर, 17 जनवरी: भारत के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से चल रही भारतमाला परियोजना के तहत कछार जिले में चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के लिए जिला आयुक्त (डीसी) मृदुल यादव ने शुक्रवार को निरीक्षण किया। यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुधारने में सहायक होगी, बल्कि स्थानीय बुनियादी ढांचे के विकास में भी एक मील का पत्थर साबित होगी।

डीसी यादव के साथ निरीक्षण दल में सोनई राजस्व मंडल की सर्किल अधिकारी मारिया तनीम, एनएचआईडीसीएल के उप महाप्रबंधक, और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे। टीम ने सोनई से धोलाई तक के महत्वपूर्ण सड़क खंड पर भूमि अधिग्रहण और सड़क निर्माण की स्थिति का मूल्यांकन किया। यह खंड भारतमाला परियोजना के अंतर्गत एक प्रमुख रणनीतिक हिस्सा है।

निरीक्षण की मुख्य बातें
  1. समय पर परियोजना पूरा करने का निर्देश:
    डीसी यादव ने सभी विभागों को समय सीमा के भीतर परियोजना पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्रीय विकास और राष्ट्रीय परिवहन बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
  2. समस्याओं के समाधान पर ध्यान:
    निरीक्षण के दौरान डीसी ने संबंधित विभागों से परियोजना में बाधा बन रहे मुद्दों को प्राथमिकता से हल करने और समन्वय में सुधार लाने के निर्देश दिए।
  3. क्षेत्रीय महत्व:
    भारतमाला परियोजना के तहत सोनई से धोलाई तक सड़क का निर्माण इस क्षेत्र के व्यापार और यातायात को सुगम बनाएगा, जिससे सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
  4. प्रगति की समीक्षा:
    टीम ने स्थल पर चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की और भूमि अधिग्रहण के लंबित मामलों को जल्द निपटाने के उपायों पर चर्चा की।
भारतमाला परियोजना का महत्व

भारतमाला परियोजना को भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य देश के दूर-दराज़ इलाकों को जोड़ने और आर्थिक गलियारों का निर्माण करना है। यह परियोजना कछार जिले में यातायात और परिवहन का परिदृश्य बदलने का वादा करती है।

डीसी यादव ने कहा, “भारतमाला परियोजना क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगी। इसे समय पर पूरा करना हमारी प्राथमिकता है, जिससे लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाएं मिल सकें।”

इस निरीक्षण ने परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। कछार जिले के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि यह परियोजना उनके क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास के नए द्वार खोलेगी।

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