खिंडो मति,बिखरो मति

आजकल देखणें में आवे है
कि परिवार बिखरतो जावे है,
कारण?सब सूं बड़ों यो है कि
सगला ‘धौंस’दिखाणी चावे है.

एक बाप रा चार बेटा
आप आपरी धौंस तांई
चारुं चार घर कर लेवे है
बाप रा बाप बण जावे है.

बियांई आपणे समाज में भी
पैदा होवे आये दिन नई सिंस्था
आप आपकी हेकड़ी दिखाणे
आफत आवे जहां मुंडो लुकाणे.

अभामा सम्मेलन है फिर भी
अग्रवाल सम्मेलन,विप्र सम्मेलन,
केडिया महासभा,महेश्वरी और
हर कानी सम्मेलन ही सम्मेलन.

पण मारवाड़ीयां पर पडे़ जणां
कठे जाय है सारा सम्मेलन
नीजर ही नहीं आवे लुक जावे
बाहूबली एक भी सामां नहीं आवे.

भाईयों खिंडो मति,बिखरों मति
सांवठो लाडू कुह्वावे,बिखर्या दाणा,
पांचू मिले तो मुट्ठी,सोई भाईयों!
मुट्ठी बांधो,नंई तो फेर बीतसी?

बीतसी सोई बीतसी.

मुरारी केडिया ९४३५०३३०६०.

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