शिलचर 12 मार्च: हाल ही में ३ मार्च २०२४ तारिख श्रीकृष्ण रुक्मिणी कलाक्षेत्र के व्यवस्थापना में २१ फरवरी से १६ मार्च २०२४ तक आयोजित प्रथम भारतीय सांस्कृतिक उत्सव @ महामेल के १२दिवस पर आयोजित एक टक-शो में अध्यक्ष बिधान सिन्हा ने चर्चा में सरकार से आग्रह किया कि काछार, हैलाकांदी एवम करीमगंज जिला में विष्णुप्रिया मणिपुरी, डिमाशा एवम हिंदी को एशोसियेट ऑफिसियल भाषा की मान्यता मिलना चाहिए । तभी सभी लोगो का संस्कृति एवं भाषा का विकास हो पायेगा । उक्त टक शो में पण्डित हरिकान्त सिंह गीतादूतम और पण्डित नीलमाधव सिंह गीतादुतम शामिल थे। इसके बारे में अखिल असम भोजपुरी परिषद, अखिल भारतीय तैलिक साहु महासभा , बराकघाटी तेली साहू समाज, विष्णुप्रिया मणिपुरी और डिमाशा स॔गठनादि को जानकारी दी गयी। इस विषय में महामहिम राष्ट्रपति सचिवालय से असम सरकार को निर्देश पारित हुआ है कि इस विषय पर राज्य सरकार जल्द संज्ञान ले। इस विषय पर बराक घाटी तेली साहू समाज का सभापति मनोज कुमार शाह प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रपति भवन के निर्देश को असम सरकार शीघ्रातिशीघ्र उपयुक्त करवाई करे।