झारखंड में नये मुख्यमंत्री बने टाईगर, 4फरवरी तक हैदराबाद में ही रहेंगे 37 विधायक। हेमंत सोरेन ईडी के रिमांड पर     

अनिल मिश्र/रांची। झारखंड में पिछले दो दिनों से चल रहे सियासी घटनाक्रम के बीच जहां आज सरायकेला के विधायक चंपई सोरेन ने मुख्यमंत्री के पद की शपथ ली। वहीं विरोधी दलों के  द्वारा विधायकों को तोडफोड की डर से चार्टर विमान से 37 विधायकों को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के तीन जगहों पर पांच सितारा होटल एंव रिसोर्ट में रखा गया है। इन विधायकों का स्वागत  तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवन्त रेड्डी ने खुद वेगमपेट एयरपोर्ट पहुंचकर किए।
जमीन घोटाला के लिए झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रर्वतन निदेशालय द्वारा बार-बार सम्मन देने के बावजूद उपस्थित नहीं होने के कारण 31जनवरी को रात 9.30बजे गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद आज पीएमएलए कोर्ट ने हेमंत सोरेन को ईडी की पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया है। इस पहले आज  ही  सुबह हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा। कोर्ट ने गिरफ्तारी के खिलाफ सोरेन की याचिका पर सुनवाई करने से यह कहकर इंकार कर दिया कि पहले हाईकोर्ट जाना चाहिए। हेमंत सोरेन को ईडी द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद कई तरह के अटकलों का बाजार गर्म रहा। 31जनवरी की रात हेमंत सोरेन को प्रर्वतन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार करने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा और महागठबंधन के सभी विधायकों द्वारा चंपई सोरेन को विधायक दल के नेता चुनने और सरकार बनाने को लेकर 47विधायकों के हस्ताक्षर के पत्र दिए जाने के बावजूद राज्यपाल द्वारा निमंत्रण पत्र देने में देर किए जाने के तरह-तरह के कयास लगाए जाते रहे। लेकिन गुरुवार की रात झारखंड के राज्यपाल महामहिम सीपी राधाकृष्णन द्वारा चंपई सोरेन को सरकार बनाने को लेकर निमंत्रण पत्र देने और चंपई सोरेन के  मुख्यमंत्री बनने के बाद अटकलों का बाजार तो कुछ देर के लिए थम गया है। लेकिन विधायकों की तोडफोड को लेकर महागठबंधन के लोग भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों पर आरोप लगा रहे हैं। इन्ही कारणवश झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस सहित महागठबंधन के 37विधायकों को आज रांची से हैदराबाद सिफ्ट किये गए हैं। हालांकि झारखंड में चंपई सोरेन के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हो गए हैं। लेकिन सरकार जब तक बहुमत प्राप्त नहीं कर लेता है तब तक कयासो और अटकलों का बाजार गर्म रहना लाजिमी है। झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने सरकार को दस दिनों के अंअंदर बहुमत सिद्ध करने के लिए कहा है। संभवतः 4 फरवरी  की रात सभी विधायक हैदराबाद से रांची पहुंचेगे। 5 फरवरी को राजभवन में फ्लोर टेस्ट होगी।तबतक सभी विधायक हैदराबाद में ही रहेंगे।
इस बीच आज दोपहर 12.20बजे राजभवन के दरबार हाॅल में चंपई सोरेन ने झारखंड के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में पद एंव गोपनियता की शपथ लिया। इनके साथ ही कांग्रेस के आलमगीर आलम और चतरा से राजद के विधायक सत्यानंद भोक्ता मंत्री पद की शपथ लिए। झारखंड राज्य के गठन के 23साल में 11मुख्यमंत्री बदले हैं। इनमें शिबु सोरेन और अर्जुन मुंडा तीन-तीन बार मुख्यमंत्री बने हैं। सिर्फ रघुवर दास हीं एक ऐसे मुख्यमंत्री झारखंड में हुए हैं जो अपना कार्यकाल पांच साल पूरा किए है।

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