शिलचर : शिक्षा राष्ट्र की रीढ़ है,अभिमत पद्मश्री डॉ. रवि कन्नन की। प्रत्येक व्यक्ति को अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य को बनाए रखते हुए नशे से दूर रहकर समाज के लिए कुछ करना चाहिए। इससे देश में सुधार होगा। इस दिन मुक्त कंठ से गाते हुए और सभी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए, संस्कृत श्लोक “सरबे सुखिन संतु, सरबे संतु निरामया:” कहते हुए स्कूल की पेरेंट्स डे यानी 31 जनवरी को अभिभावक दिवस पर अपने बात रखते हुए पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त करने वाले डॉ. कन्नन ने विद्यालय के विद्यार्थियों के भावी जीवन पर उपरोक्त टिप्पणियाँ की। समाज, देश और उसमें रहने वाले के लिए स्वयं को समर्पित करने की बात भी उसे दिन उन्होंने उल्लेख की। डॉन बॉस्को स्कूल सिलचर का अभिभावक दिवस कार्यक्रम 29 जनवरी को जूनियर छात्रों के लिए निर्धारित किया गया था, वहीं अंतिम दिन का कार्यक्रम वरिष्ठ वर्ग के छात्रों के लिए था। छात्र-छात्राओं के अभिभावकों की मौजूदगी में समारोह की रौनक देखते ही बन रही थी। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत नृत्य दुर्गा वंदना से हुई। इसके अलावा मिजोरम का बाश नृत्य, राजस्थानी नृत्य,रवीन्द्र नृत्य, नजरुल नृत्य, बिष्णुप्रिया नृत्य, लोक नृत्य, नेपाली नृत्य आदि मनमोहक रहे। स्कूल के छात्र-छात्राओं ने दिवंगत लता मंगेशकर के कुछ गाने गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। शाम साढ़े चार बजे शुरू हुए इस समारोह में स्कूल के लगभग सभी छात्र-छात्राओं अपने अभिभावकों के साथ शामिल हुए। माता-पिता दिवस की खूबसूरत थीम पर आधारित यह अभिनव कार्यक्रम, एक शब्द में अद्भुत था। सिलचर के रामनगर के पास शंकर बस्ती स्थित विशाल स्कूल परिसर में इस दिन स्कूल के प्रिंसिपल रेवरेंड फादर सुरजीत टिग्गा, वाइस प्रिंसिपल रेवरेंड फादर जोश जोस, प्रबंधक रेवरेंड ब्रदर रेजी जोसेफ और अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे। स्कूल के पांच छात्र राजवीर दास, श्रीजीता पाल, सृजन माजी, सौरांशु शेखर भट्टाचार्य, अतिउत्तम नाथ उसे दिन के प्रोग्राम की संचालन की ।पेरेंटस डे का अंतिम दिन हजारों अभिभावकों की मौजूदगी में बहुत खूबसूरत बन गया था । इस दिन सुमिता पाल, देवजानी दे पुरकायस्थ, जॉयदीप धर, मनोज कुमार दास, दीप्ति सेन, मनाज गोस्वामी, मिल्ली सिन्हा, रुमली भट्टाचार्य, दीप्तजीत धर, प्रवीर सिंह, मणि भूषण चौधरी, क्षीरो गोपाल शर्मा और अन्य शिक्षक-शिक्षिका विभिन्न कर्तव्यों पर थे। कार्यक्रम का समापन सिस्टर मारिया के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।