यशवन्त पाण्डेय , शिलकुड़ी 11 जनवरी। असम विश्वविद्यालय में विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। द्वीप प्रज्ज्वलन व वैदिक मंत्रो के साथ शुरु काव गोष्ठी का शुभारंभ हुआ। असम विश्वविद्यालय के प्रेमेन्द्र मोहन गोस्वामी सभा कक्ष में आयोजित काव्य गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में असम विश्वविद्यालय के कूलपति प्रोफेसर राजीव मोहन पंत उपस्थित थे। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि कुलपति राजीव मोहन पंत ने कहा कि बहुत ही सौभाग्य का विषय है कि इस काव्य गोष्ठी में बहुत प्रतिष्ठित कवि, गजल रचनाकार उपस्थित हुए और अपनी प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया, उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम बहुत लम्बा होना चाहिए था, काब्य पाठ या गजल होते हैं उसे एक ही सीमा में बांधना सही नही है, कम समय में सभी की भावनाओ को समझना कम पड़ जाता है, मैं चाहूंगा कि किसी रविवार या शनिवार को एक कार्यक्रम हो जिसमें सब उपस्थित हो और कवियों और गजलों धारा परवाह चलता रहे, कविता और गजल अपनी भावनाओ का अभिव्यक्ति हैं, भावनाए जब निकलती है तो निकलती रहनी चाहिए, इसलिए एक काव्य सन्ध्या का आयोजन हो जिसमें धारा प्रवाह काव्यगोष्ठी हो। इस काव्यगोष्ठी में कवियित्री सुषमा पारख, श्रीमती हीरा अग्रवाल, मधु पारख, कवि जय प्रकाश यादव, योगेश दूबे, चन्द्र कुमार ग्वाला, सर्वेश सोनोकर, प्रोफेसर जावेद रहमानी, सतदल आचार्जी के असम विश्वविद्यालय से इस अवसर पर असम विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी डा. शुभोदीप धर, राजभाषा विभाग के हिन्दी अधिकारी डा. सुरेन्द्र उपाध्याय, हिन्दी अनुवादक पृथ्वीराज ग्वाला, प्रशासनिक कर्मी अनुप वर्मा, सन्तोष ग्वाला, दीपक दे, देबाशीष चक्रवर्ती आदि उपस्थित थे। काव्यगोष्ठी में प्रेरणा भारती दैनिक समाचार पत्र के संवाददादा यशवंत पाण्डेय को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन हीरा अग्रवाल ने किया, असम विश्वविद्यालय राजभाषा के अनुवादक पृथ्वीराज ग्वाला ने धन्यवाद ज्ञापन किया।