मुख्यमंत्री ने जिराफ के बच्चे का नाम “पारिजात” रखा

गुवाहाटी,  : मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को गुवाहाटी में असम राज्य चिड़ियाघर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने 175 एकड़ की सुविधा की बुनियादी ढांचे की जरूरतों का जायजा लिया।

मीडियाकर्मियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ सरमा ने कहा कि राज्य सरकार असम राज्य चिड़ियाघर को देश के सर्वश्रेष्ठ चिड़ियाघरों में से एक में बदलने के लिए कदम उठा रही है, जिसके लिए 350 करोड़ की पुनर्विकास योजना को मंजूरी के लिए वित्त विभाग को भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित पुनर्विकास योजना में जानवरों को सुरक्षित वातावरण में रखने के लिए पर्याप्त बुनियादी सुविधाओं को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि असम राज्य चिड़ियाघर परिसर के भीतर घायल जानवरों के इलाज के लिए एक अत्याधुनिक पशु अस्पताल और एक पुनर्वास केंद्र बनाने की योजना है।

मुख्यमंत्री डॉ सरमा ने यह भी घोषणा की कि असम राज्य चिड़ियाघर में पैदा हुए जिराफ के बच्चे का नाम “पारिजात” रखा गया है। विभिन्न स्रोतों से लगभग 350 सुझाव प्राप्त करने के बाद यह नाम तय किया गया और लकी ड्रा की विधि के माध्यम से “पारिजात” नाम को अंतिम रूप दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिराफ के बच्चे का पालन-पोषण करना बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि उसकी मां ने उसके जन्म के तुरंत बाद उसे अस्वीकार कर दिया था। शिशु जिराफ के मामले में चिड़ियाघर अधिकारियों की सहायता के लिए मुंबई से एक वन्यजीव विशेषज्ञ को बुलाया गया था।

मुख्यमंत्री डॉ सरमा ने आज जिराफ “पारिजात”, एक कंगारू, एक वालबी और दो ओरांग-यूटान को भी औपचारिक रूप से जनता के दर्शन के लिए खोल दिया। मुख्यमंत्री डॉ सरमा के साथ पर्यावरण एवं वन मंत्री चंद्रमोहन पटोवरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव रविशंकर प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एमके यादव सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

Leave a Comment