अनिल मिश्र/पटना 5 दिसंबर: गया-बोधगया मार्ग पर अमावां गांव के पास भगवान बुद्ध की सबसे लंबी शयन मुद्रा में भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित किए गए। इस अवसर विश्व के करीब पचास देशों के प्रमुख बौद्ध धर्म के शिर्ष धर्म गुरुओं और भिक्षुओं ने विभिन्न भाषाओं में मंत्रोच्चार के साथ चैटिंग के साथ भगवान बुद्ध की प्रतिमा का संयुक्त रूप से अनावरण किया।
शयन मुद्रा में यह स्थापित हुई इस प्रतिमा की लंबाई 100फीट उंचाई 30फीट और चौड़ाई 24फीट है। साथ हीं यह प्रतिमा 13कट्ठे जमीन में फैला हुआ है। इस प्रतिमा स्थापित होने से पहले बोधगया आने वाले लोग 80फीट ऊंची आसन मुद्रा में बैठे भगवान बुद्ध का दर्शन करते थे।

विश्व की सबसे बड़ी शयन मुद्रा में स्थापित प्रतिमा को कोलकता के प्रसिद्ध मूर्तिकारों ने चार साल में इसका निर्माण कार्य को अंतिम मूर्त रुप दिया है। इसका निर्माण 2019से किया जा रहा था। इस प्रतिमा के निर्माण में फाइबर ग्लास का इस्तेमाल किया गया है। जिसके कारण इस प्रतिमा पर बारिश, ठंठ और गर्मी में निकलने वाले तेज धूप से प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं हो सके। वहीं बुद्धा इंटरनेशनल वेल्फेयर मिशन के द्वारा इसका निर्माण कराया गया है। जबकि देखभाल भी इसी वेल्फेयर मिशन द्वारा किया जायेगा । विश्व की इस सबसे बड़ी शयन मुद्रा में भगवान बुद्ध प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर भारत, चीन, तिब्बत, थाईलैंड, म्यांमार, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, जापान सहित करीब पचास देशों के प्रमुख बौद्ध धर्म गुरुओं और भिक्षुओं ने भाग लिया। इस प्रतिमा के अनावरण के साथ हीं बोधगया के साथ अमावां गांव में भी पर्यटकों का आने का सिलसिला चल पड़ा है।
