स्थायी नही होने तक नये नियुक्त कर्मी को काम से रोका जायेगा-तपन धर

 

यशवन्त पाण्डेय, शिलकुड़ी 19 सितम्बर। एनआईटी शिलचर में मानों शनि का दशा लगा हुआ है, जबकि एनआईटी में एक छात्र की आत्महत्या को लेकर छात्र-छात्राएं विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, उसी समय मास्टर रोल कर्मियों के संगठन ने एनआईटी में कार्यरत मास्टर रोल कर्मियों के स्थायीकरण को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर साफ कहा कि एनआइटी में कार्यरत मास्टर रोल कर्मियों की नौकरी स्थायी नहीं की गयी तो विज्ञापन के जरिए जो भी नये नियुक्त लोग नौकरी करने आयेंगे उन्हें काम करने नही दिया जायेगा।

सोमवार को शाम को फकीरटिला में मास्टर रोल कर्मी संगठन के अध्यक्ष तपन धर ने एक संवाददाता सम्मेलन बुलाया और कहा कि मास्टर रोल कर्मचारी लंबे समय से एनआईटी शिलचर में काम करते आ रहे हैं, मास्टर रोल श्रमिकों ने एनआईटी के समग्र विकास में बहुत योगदान दिया है, वे आगे भी काम करते रहेंगे। लेकिन एनआईटी शिलचर के अधिकारी ये कभी नही चाहते के मास्टर रोल स्टाफ का स्थायीकरण हो। कभी नही चाहते कि मास्टर रोल कर्मचारियों का भविष्य उज्ज्वल हो। उनका परिवार अच्छे से परिवार का पालन पोषण कर सके।
ये मास्टर रोल कर्मी सन 1983 से लेकर आज तक कार्यरत हैं, इनकी नौकरी को नियमित करने एवं विभिन्न मांगों को लेकर हम लगातार पत्र एवं समाचार पत्रों के माध्यम से अधिकारियों को अवगत कराते आ रहे हैं, लेकिन अधिकारी इसका कोई महत्व ही नहीं दे रहे हैं। एनआईटी शिलचर के अधिकारियों ने मौजूदा मास्टर रोल स्टाफ के स्थान पर नई भर्ती के लिए विज्ञापन दिया है। हमने इस विज्ञापन के खिलाफ माननीय गुवाहाटी उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने एनआईटी अधिकारियों को स्पष्ट रूप से सूचित किया है कि मास्टर रोल कर्मचारियों को नियमित होने तक इन पदों पर कोई और विज्ञापन नहीं दिया जा सकता है। लेकिन दुर्भाग्य से एनआईटी सिलचर के रजिस्ट्रार के एल वैष्णव सहित कुछ अधिकारियों ने कहा कि हम उच्च न्यायालय के आदेश को नहीं मानेंगे, गौहाटी उच्च न्यायालय द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी ये अधिकारी उच्च न्यायालय से बड़े हो गए हैं।
हमने अपने वकील के माध्यम से यह बात हाई कोर्ट तक पहुंचा दी है। हम अगले हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार करेंगे। फिलहाल एनआईटी प्रबंधन द्वारा दी गयी विज्ञापन का बुधवार को साक्षात्कार होना तय है, इसमें भी एक बड़ी गड़बड़ी नजर आयी है, हमारे क्षेत्र के बच्चों को साक्षात्कार के लिए गुवाहाटी और अन्य स्थानों पर भेजा जा रहा है। प्रबंधन के इस फैसले की हम निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि मास्टर रोल कर्मचारियों स्थायी करने बाद बचे हुए पदों पर विज्ञापन दिये जाने हमें कोई आपत्ति नही है, मगर मास्टर रोल कर्मचारियों को स्थायीकरण न होने पर साक्षात्कार के बाद नौकरी के लिए चूने प्रत्याशियों रो संस्था किसी भी हाल में नौकरी करने नही देगी। उन्होंने इस विषय को राजनैतिक प्रतिनिधियों को गंभीरता से लेने के लिए अनुरोध किया।

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