पुणे में आज हुआ अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का उद्घाटन समारोह

पुणे से विशेष प्रतिनिधि 14 सितंबर: श्री शिव छत्रपति स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बालेवाड़ी, पुणे महाराष्ट्र में आज हुआ उद्घाटन। हिंदी दिवस के अवसर पर पुणे में चलने वाले दो दिवसीय अखिल भारतीय राज भाषा सम्मेलन का वर्चुअल उद्घाटन भारत सरकार के सहकारिता एवम् गृह मंत्री श्री अमित शाह ने किया और समस्त देशवासियों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं  दी। उन्होंने ने बताया कि हिंदी जो  दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को जो भाषिक विविधता के लिए जाना जाता है, एक सूत्र में पिरोने का काम करती है। इस अवसर पर कंठस्थ २.० के नए वर्जन मोबाईल का  लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर अजय कुमार मिश्र (गृह राज्य मंत्री), भरथरी मेहताब (उपाध्यक्ष , संसदीय राजभाषा समिति), राकेश सिन्हा (संसद सदस्य राज्यसभा), हरिवंश ( उप सभापति राज्य सभा) उपस्थित थे।
श्री राकेश सिन्हा ने बताया की हिंदी के कवियों की रचनाएं जनभावनाओं को झंकृत करने वाली है । इन्होंने हर भारतीय भाषाओं में हिंदी को सर्वोत्कृष्ट एवं जन भाषा बताया। प्रोफ़ेसर गिरीश नाथ झा ने हिंदी के कामकाजी रूप का उल्लेख किया। श्री सुदीप कुमार राज्यसभा सांसद ने बताया कि आज़ादी के इस अमृत काल में प्रधान मंत्री जी ने विश्व में हिंदी का गौरव बढ़ाया है। सुजीत कुमार ने युवा शक्ति का आह्वान किया और बताया कि डिजिटल अर्थ व्यवस्था में एक ट्रिलियन डालर की अर्थ व्यवस्था हिंदी के वजह से होगी। अनुसंधान में भी हिंदी की बड़ी भूमिका है। श्री हरिवंश (राज्य सभा सांसद ) ने कंठस्थ २.० को अनुवाद के लिए गूगल से ज्यादा विश्वसनीय बताया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से सभी भारतीय भाषाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है।  हमारी देशज भाषा दुनिया को रास्ता दिखाने का काम कर रही है इन्होंने महान संत नामदेव एवम् तुकाराम को याद किया।
इस उद्घाटन समारोह में भारत के सभी प्रांतों से लगभग दस हजार हिंदी सेवी उपस्थिति थे।
असम के शिलचर से विकाश कुमार उपाध्याय (जवाहर नवोदय विद्यालय), सौरभ वर्मा और राजीव कहार (एन आइ टी), पृथ्वी राज ग्वाला, डा सुरेंद्र उपाध्याय, सन्तोष ग्वाला, अनूप वर्मा (आसाम विश्वविद्यालय) आदि दो दिवसीय समारोह में शामिल है।

Leave a Comment