शब्दाक्षर शिलचर ने हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में किया कवि सम्मेलन का आयोजन

शिव कुमार शिलचर,10 अगस्त: आज शिलचर स्थित जिला परिषद कार्यालय के सभागृह में राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था शब्दाक्षर द्वारा हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थे दैनिक पूर्वादय समाचार पत्र के संपादक रविशंकर रवि। सर्व प्रथम सभी अतिथियों को मंचासीन कराया गया तत्पश्चात अतिथियों के कर कमलों से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। संस्था की असम प्रदेश अध्यक्ष, श्रीमती सीमा सिंह व असम प्रदेश इकाई शब्दाक्षर के महा सचिव मधु पारख द्वारा अतिथियों को उत्तरीय देकर सम्मानित किया गया। डलु सरस्वती बिद्या निकेतन के छात्राओं द्वारा संस्था गीत”हिंदी की अलख जगाते है, शब्दाक्षर कहलाते है” गा कर कार्यक्रम का शमा बांध दिया। मकोही डेका कश्यप छोटी सी बच्ची व मोनिशा देव के कविता पाठ ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया।

ऋषिता मिश्रा ने “एक राधा एक मीरा” भजन प्रस्तुत किया। उसके बाद संस्था के महासचिव ने अपने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों को अभिवादन करते  हुए कहा की हिंदी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है कि वर्ष में कम से कम एक दिन इस बात को लोगो के समक्ष रखना है। जब तक हिंदी का उपयोग पूर्ण रूप से नहीं करेंगे तब तक हिंदी भाषा का विकाश नही हो सकता। इस एक दिन  सभी सरकारी कार्यालय मे इसे उपयोग किया जाता है। ताकि हम अपनी भाषा के महत्व को समझ सके। इसके अलावा वर्षभर में जो हिंदी में कार्य कर अच्छा विकाश कर रहे है या करते हे और जो हिंदी का अच्छा उपयोग करता है, उसे पुरुस्कार दिया जाता है। सुप्रसिद्ध साहित्यकार शिक्षा विद अशोक वर्मा की संस्था वार्लाक प्रकाशन की और से राजु वर्मा जी द्वारा श्रीमती डोली साहा एवं चंद्रकुमार ग्वाला को कविता लेखन के लिए मानपत्र व फूलो का गुलदस्ता देकर ठाकुर प्रसाद स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके बाद कवि सम्मेलन हेतु सभी कवियों को मंचासीन कराया गया व सभी को गमछा देकर सम्मानित किया गया। आज के इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे, महावीर प्रसाद जैन, देवकी नंदन जालान, उदय संकर गोस्वामी, मूलचंद बैद्द, अवधेश सिंह, प्रेरणा भारती के प्रकाशक दिलीप कुमार, बाबुल नारायण कानू, प्रदीप कुर्मी, कार्यक्रम का संचालन योगेश दुबेजी कर रहे थे।

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