आज असम के मुख्यमंत्री डॉक्टर हिमंत विश्वशर्मा का बराक घाटी में तूफानी दौरा था। उन्होंने सुबह से शाम तक तीन पुलों का उद्घाटन किया, कछाड़ के एकीकृत जिला अधिकारी कार्यालय का शिलान्यास किया, शिलकुड़ी मीठापानी में एक सम्मेलन कक्ष का शिलान्यास, लचित बरफुकन की मूर्ति का अनावरण, जल मित्र सम्मेलन, हाइलाकांदी में जनसभा और विभिन्न प्रकल्पों का शिलान्यास उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री के इस तूफानी कार्यक्रम के लिए शिलचर के सभी स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों को पूरे एक पृष्ठ का विज्ञापन दिया गया, सिवाय प्रेरणा भारती के। जब से असम सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के नए निदेशक ने दायित्व लिया है, तब से ही लगातार प्रेरणा भारती की उपेक्षा हो रही है। राजभाषा हिंदी के अनुपालन के लिए पूरे देश में हिंदी पखवाड़ा, हिंदी सप्ताह और हिंदी माह का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे समय में असम सरकार द्वारा शिलचर, दक्षिण असम से प्रकाशित एकमात्र हिंदी दैनिक के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैए से राष्ट्रभाषा प्रेमी सकते में है।
प्रेरणा भारती के द्वारा असम की राष्ट्रवादी सरकार के विभागीय मंत्री से इस बारे में पहले दो-तीन बार शिकायत के लिए मिलने का प्रयास किया गया किंतु उनका व्यवहार भी उपेक्षात्मक रहा। असम सरकार द्वारा हिंदी दैनिक की इस प्रकार उपेक्षा किया जाना राष्ट्रभाषा हिंदी और राष्ट्रभाषा प्रेमियों का अपमान है। हिंदी के पाठकों में इसको लेकर गहरा क्षोभ व्याप्त है, ऐसे समय में जब लोकसभा चुनाव सर पर है, हिंदी पाठकों की उपेक्षा करना किसी भी प्रकार से उचित नहीं लग रहा है।