बीजिंग. चीन में डोकसुरी टाइफून से 11 लोगों की मौत हो गई जबकि 27 लोग लापता हैं. चीन की राजधानी बीजिंग में पिछले 70 साल की सबसे ज्यादा 257.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. इससे पहले 1951 में इतनी तेज बारिश हुई थी. हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रेस्क्यू वर्कर्स ने अब तक 1 लाख 27 हजार लोगों को बचाकर उन्हें सुरक्षित जगह पर भेजा है.
वहीं, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जगह-जगह बाढ़ में फंसे लोगों को जल्द-जल्द बचाने के निर्देश दिए हैं. चीन के फ्लड कंट्रोल डिपार्टमेंट के मुताबिक 13 जिलों के 44 हजार लोग फिलहाल बाढ़ की चपेट में हैं.
सड़कों पर बह रही गाडिय़ां
चीन के स्टेट मीडिया हाउस के मुताबिक सेना ने चार हेलिकॉप्टर्स को बाढ़ के बीच फंसे लोगों को खाना, रेनकोट और कंबल देने के लिए भेजा है. सोमवार रात को 5 कस्बों में मोबाइल कम्यूनिकेशन तक ठप हो गया था. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियोज में तेज बहाव में सड़कों पर बहती गाडिय़ों को देखा जा सकता है. बीजिंग के इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दिन में उड़ान भरने वाली 70 फ्लाइट्स को रद्द कर दिया गया है. वहीं, 2019 में शुरू हुए डाक्सिंग एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली 300 फ्लाइट्स रद्द की गई हैं. लोगों को घरों के अंदर रहने को कहा गया है. सरकार ने 100 से ज्यादा रास्तों को बंद किया है.
तबाही से निपटने के लिए 334 करोड़ का फंड
पीपल्स डेली चाइना की रिपोर्ट के मुताबिक डोकसुरी से मची तबाही से निपटने के लिए सरकार ने डिजास्टर रिलीफ फंड से 334 करोड़ रुपए का फंड रिलीज किया है. रिपोर्ट के मुताबिक इससे 60 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति का नुकसान होने की संभावना है. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक लोगों के घरों से बाहर न निकल पाने के कारण सामान डिलीवर करने वाली कंपनियों के ऑर्डर में 50% का इजाफा हुआ है. चीन में 2012 में इतना तेज तूफान आया था. तब 80 से ज्यादा लोगों को जान गंवानी पड़ी थी.
फिलिपींस में डोकसुरी से 36 लोगों की मौत
फिलिपींस में डोकसुरी तुफान में फंसी एक बोट पलटने से 36 लोगों की मौत हो गई थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक बोट मनिला के पास तूफान में फंस गई थी. तेज बहाव के डर से सभी लोग बोट के एकतरफ हो गए जिससे वो पानी में डूब गई. वहीं, ताइवान में डोकसुरी के चलते कई जगहों पर लैंडस्लाइड भी हुई हैं.