मणिपुर में हिंसा के खिलाफ मिजोरम में विशाल रैली

आइजल, 25 जुलाई (हि.स.)। मणिपुर में गुटीय संघर्ष से ग्रस्त कुकी-जो समुदाय के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए मिजोरम में एक विशाल एकजुटता रैली निकाली गई। मिजोरम में नागरिक समाज संगठनों ने मंगलवार को राज्य की राजधानी आइजोल में एक विशाल रैली निकाली।

मिज़ो लोग मणिपुर के कुकी, बांग्लादेश के चट्टोग्राम पहाड़ी क्षेत्र में कुकी-चिन और म्यांमार में चीनियों के साथ जातीय रूप से बिखरी हुई आबादी के साथ एकजुटता दिखाते हैं। एनजीओ समन्वय समिति, सेंट्रल यंग मिजो एसोसिएशन (सीवाईएमए) और मिजो जिरलाई पॉल (एमजेडीपी) सहित पांच प्रमुख नागरिक समाज संगठनों ने राज्य की राजधानी आइजल सहित मिजोरम के विभिन्न हिस्सों में एक विशाल रैली का आयोजन किया।
पड़ोसी राज्य में जारी हिंसा की निंदा करते हुए हजारों लोगों ने तख्तियां और पोस्टर लेकर रैली में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का समर्थन करने के लिए सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट के कार्यालय को बंद कर दिया गया।
एमएनएफ कार्यकर्ताओं ने भी सभा में भाग लिया। एमएनएफ के अलावा, विपक्षी भाजपा, कांग्रेस और जोरम पीपुल्स मूवमेंट ने भी एकजुटता रैली के समर्थन में कार्यालय बंद कर दिए। प्रदर्शनों के मद्देनजर राज्य भर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
उल्लेखनीय है कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी जिलों में, विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की तैनाती, गश्त और कड़ी निगरानी सुनिश्चित की गई थी। मणिपुर में तीन मई को जातीय हिंसा भड़कने के बाद से अब तक 160 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में ”आदिवासी एकजुटता मार्च” का आयोजन किया गया था।
नगा और कुकी आदिवासी पहाड़ी जिलों में रहते हैं। कुकी के खिलाफ अत्याचार को रोकने के लिए मंगलवार को आइजल में एक विशाल रैली निकाली गई।

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