नई दिल्ली. बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में सबसे आगे रहने वाले बजंरग पूनिया और विनेश फोगाट को बड़ा फैसला लिया गया है. इसी साल चीन में एशियन गेम्स खेले जाने हैं. कुश्ती महासंघ को संभाल रही एडहॉक समिति ने फैसला किया है कि विनेश और बजरंग को बिना ट्रायल्स के एशियन गेम्स में भेजा जाएगा. वहीं इन दोनों के साथ प्रदर्शन में आगे रहने वाली ओलिंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक को ट्रायल्स से गुजरना होगा. समिति ने ये फैसला हालांकि मुख्य कोच की सहमति के बिना लिया है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने इस बात की जानकारी दी है.
कई दिनों तक सोच-विचार करने के बाद चार सदस्यों की एड-हॉक समिति ने फैसला किया कि एशियन गेम्स के लिए ट्रायल्स का आयोजन 22 और 23 जुलाई को नई दिल्ली में होगा लेकिन बजरंग और विनेश इसमें हिस्सा नहीं लेंगे. दोनों ही कुश्ती से लंबे समय से दूर हैं. इन दोनों की वेट कैटेगरी में जो खिलाड़ी ट्रायल्स में जीतेंगें वह स्टैंडबाय में रहेंगे. बजरंग की वेट कैटेगरी 65 किलोग्राम है तो वहीं विनेश की 53 किलोग्राम.
समिति नहीं थी एकमत
कुश्ती महासंघ का एशियन गेम्स को लेकर जो सेलेक्शन क्राइटेरिया है उसके मुताबिक बड़े खिलाड़ियों के लिए इसमें किसी तरह की छूट का प्रावधान नहीं है. बजंरग ओलिंपिक पदक विजेता हैं तो वहीं विनेश ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीता है. दोनों साथ ही अपनी वेट कैटेगरी में एशियन गेम्स के मौजूदा विजेता हैं. भारतीय कुश्ती महासंघ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सभी वेट कैटेगरी में सेलेक्शन अनिवार्य है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि उसने 65 किलोग्राम और 53 किलोग्राम में एशियन गेम्स के लिए सेलेक्शन कर लिया है लेकिन फिर भी सभी छह कैटेगरी में ट्रायल्स का आयोजन किया जाएगा. समिति के सदस्य अशोक गर्ग ने पीटीआई-भाषा से पुष्टि करते हुए बताया कि बजरंग और विनेश दोनों पहलवानों को ट्रायल से छूट दी गई है. बजरंग और विनेश दोनों ही इस समय देश के बाहर ट्रेनिंग कर रहे हैं. बजरंग इस समय किर्गिस्तान में हैं तो वहीं विनेश हंगरी में बुडापेस्ट में ट्रेनिंग कर रही हैं.